वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को वाराणसी की यात्रा पर पहुंचे. यहां उन्‍होंने शाम को करीब 7 किमी लंबा रोड शो कि‍या. इसके बाद उन्‍होंने गंगा पूजा की. गंगा पूजा के बाद पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में एक रैली को संबोधि‍त किया.  इसमें उन्‍होंने कहा, इस शहर ने मुझे इतना प्‍यार दिया कि मेरे जैसा फकीर भी रम गया. इसी शहर ने मुझे एमपी बनाया और प्रधानमंत्री भी.

पीएम मोदी ने वाराणसी की रैली में एक बार फ‍िर से आतंकवाद के खिलाफ अपने कड़े रुख को दोहराया. उन्‍होंने कहा, हमने आतंकवाद के खि‍लाफ अपने कड़े रुख को कायम रखा. पिछले पांच साल में कहीं बम धमाके नहीं सुनाई दिए. हमने इस दिशा में पूरी सख्‍ती से कदम उठाए. कभी काशी में मंद‍िर भी आतंकवाद के श‍िकार हुए. लेक‍िन हमने आतंकवाद को सभी जगह से उखाड़ दिया. अब सिर्फ आतंकवाद जम्‍मू कश्‍मीर के थोड़े से ह‍िस्‍से में बचा है. उसे भी उखाड़ दिया जाएगा.
 

पीएम मोदी ने दोहराई वही बात
पीएम मोदी ने कहा, 5 वर्ष पहले जब काशी की धरती पर मैंने कदम रखा, तब मैंने कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है. मैया ने ऐसा दुलार दिया, काशी के बहन-भाइयों ने इतना प्यार दिया कि बनारस के फक्कड़पन में ये फकीर भी रम गया. काशी ने मुझे सिर्फ एमपी नहीं पीएम बनने का आशीर्वाद दिया. मुझे 130 करोड़ भारतीयों के विश्वास की ताकत दी. ये मेरा सौभाग्य है कि काशी कि वेद परंपरा को ज्ञान के विश्लेषण व तार्किक अनुभवों से जुड़ सका.

प्रधानमंत्री ने कहा, समर्थ, सम्पन्न और सुखी भारत के लिए विकास के साथ-साथ सुरक्षा अहम है. साथियों, मेरा ये मत रहा है कि परिवर्तन तभी सार्थक और स्थायी होता है, जब जन-मन बदलता है. इस जन-मन को साधने के लिए तपस्या करनी पड़ती है. समर्थ, सम्पन्न और सुखी भारत के लिए विकास के साथ-साथ सुरक्षा अहम है. साथियो, मेरा ये मत रहा है कि परिवर्तन तभी सार्थक और स्थायी होता है, जब जन-मन बदलता है. इस जन-मन को साधने के लिए तपस्या करनी पड़ती है.

मैं मानता हूं कि इस समय भारत भी तपस्या के दौर में है. वो खुद को साध रहा है और इस साधना में हम सब एक सेवक हैं, साधक हैं. काशी के विकास को लेकर हम जिस दिशा में बढ़ रहे हैं उसके तीन पहलू हैं. एक आध्यात्मिक, दूसरा व्यवहारिक और तीसरा मानवीय. ये अलग-अलग भी हैं और एक दूसरे से जुड़े भी हैं. जो सपना मन में है वो पूरा हो गया ऐसा मैं कभी दवा नहीं करता हूँ लेकिन उस सपने को पूरा करने की दिशा में हमारा रास्ता और रफ़्तार सही है ये मैं ज़रूर कह सकता हूँ.

पीएम मोदी ने कहा, गंगा जी में मिलने वाले अनेक नालों को बंद किया जा चुका है. प्रवासी सम्मेलन के दौरान यहां आए सैकड़ों भारतवंशियों ने गंगाजल से जैसे आचमन किया, उससे साफ है कि गंगा की सफाई को लेकर अब सारे सवाल धुल रहे हैं हमारी विरासत, हमारी आस्था के प्रतीक बाबा विश्वनाथ और गंगा मां की सेवा का अवसर मिलना वाकई सौभाग्य है. मां गंगा को निर्मल और अविरल बनाने की दिशा में भी हम काफी आगे बढ़ गए हैं. गंगा जी पर देश का पहला जलमार्ग बनना, वाराणसी में क्रूज जहाजों का चलना ये हमारे पर्यटन और व्यापार के अच्छे संकेत हैं. मां गंगा के ईमानदार सेवक हमारे मल्लाह साथियों को इसका लाभ मिलना निश्चित है.