रामपुर: लोकसभा चुनाव 2019 में चर्चित सीट रही रामपुर लोकसभा सीट एक बार फिर से चर्चा में है. जयाप्रदा और आजम खान के बीच की लड़ाई मतदान के थमा, तो अब प्रशासन और आजम खान आमने-सामने आ गए हैं. सपा उम्मीदवार आजम खान का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने मंगलवार (14 मई) को एक बयान में कहा कि मुझे अधिकारियों से जान का खतरा है. 

जिला प्रशासन पर लगाया आरोप
सपा नेता और महागठबंदन प्रत्याशी आजम खान ने कहा कि जिला प्रशासन खुद उनकी हत्या की साजिश रच रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना प्रभावित करने के लिए प्रशासन ने लाठीचार्ज ओर गोली चलाने का माहौल बनाने के लिए भूमिका बनाई है, जिससे मतगणना के दिन मेरे वोटों की लूट के लिए पेशबंदी की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन रामपुर में कर्फ्यू लगाकर मतगणना कराना चाहता है. यह मुझे मारने और वोटों की गिनती में गड़बड़ी करने की साजिश है. 

दहशत में हैं अल्पसंख्यक
आजम खान के मुताबिक, मतदान वाले दिन भी रामपुर में डर और दहशत का माहौल था. मतदान के दिन अल्पसंख्यक वोटर दहशत में थे. उन्होंने कहा कि शस्त्र लाइसेंस को डीएम ने पहले से ही निलंबित कर दिया है, अब उन शस्त्रों को हम बेचना चाहते हैं, जबकि हमारा कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है. 


'जिला प्रकाशन नहीं चाहता मैं जीतू'
उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान 16 मुकदमे आचार संहिता के कायम किए गए, जिसमें 5 मुकदमों पर हाईकोर्ट से स्टे और अरेस्ट स्टे मिल गया है. जिले के 77 हजार लोगों को रेड कार्ड जारी किए गए थे. अब एक बार फिर से जिला प्रशासन मतगणना में गड़बड़ी करने की कोशिश में लगा हुआ है. जिला प्रशासन नहीं चाहता है कि मैं यहां से जीत हासिल करूं.