अलीगढ़।  डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि गौशाला के संचालन के लिए ग्राम स्तर पर प्रधान की जिम्मेदारी होगी और लापरवाही करने उनके सभी अधिकार सीज करते हुए कार्यवाही की जायेगी। 
मंगलवार को डीएम चंद्र भूषण सिंह ने कलक्ट्रेट के सभागार में गौवंश को सरंक्षित करने के लिए कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में बैठक की जिसमें उन्होंने समस्त एसडीएम, बीडीओ व एडीओ पंचायत को निर्देश दिए कि अगले 31 मई तक सभी गौशालाएं प्रत्येक दशा में पूर्ण कर ली जाए। जहां जहां ग्राम पंचायत में सरकारी जमीन उपलब्ध हैं वहां गौशालाओं का  निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि सभी गौशाला पंजी.त करा ली जाये। अपंजी.त गौशालाओं में जिओ टैगिंग की जाए। डीएम ने कहा कि गौरक्षा और गौवंश के रख-रखाव तथा पालन-पोषण शासन की शीर्ष प्राथमिकता है इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होनी चाहिए। 
इसके साथ ही डीएम  ने सीवीओ को निर्देश दिया कि सभी पशु चिकित्सक अपने अपने क्षेत्रों में स्थित गौशाला में प्रत्येक दशा में नियमित रूप से गौवंशों की स्वास्थ्य जांच करें। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्राम स्तर पर प्रधान व सचिव के साथ साथ लेखपाल, चौकीदार व रोजगार सेवक को समिति में रखा जाए जिससे गौशाला सही तरीके से संचालित हो सके। डीएम  ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में 30 प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से राशि भेजने की व्यवस्था की जाए तथा गौशाला में पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो तथा 7 माह से ऊपर के गौवंश (सांड)का बधियाकरण किया जाए और भूसे का भंडारण किया तथा ग्राम प्रधान पशुपालन विभाग व .षि विभाग के साथ सामन्जय स्थापित कर गौशालाओं को संचालित करें तथा ग्राम सभा की जमीन पर चारे की बुबाई कराये जिससे गौवंश के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था हो सके इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होनी चाहिए। 
इस मौके पर बैठक में सीडीओ अनुनय झा, एडीएम प्रशासन .ष्ण लाल तिवारी, एसडीएम इगलास रेनू सिंह, एसडीएम गभाना कुलदेव सिंह एसडीएम अतरौली अनिरुद्ध प्रताप सिंह, एसडीएम खैर पंकज कुमार, डीपीआरओ पारुल सिसौदिया,सीवीओ केपी वार्ष्णेय सहित समस्त विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।