हरियाणा में मतदान के दिन 12 मई को रोहतक में बूथ कैप्‍चरिंग की कोशिश के आरोप के मामले में राज्‍य के एक मंत्री पर भी मामला कस गया है और उनके खिलाफ एफआरअाइ दर्ज किया है। उन पर अवैध रूप से बूथ में अवैध रूप से घुसने का अारोप लगाया गया है। दूसरी ओर, शहर  में मतदान के दिन फर्जी नंबर की गाडि़यों में हथियार समेत पकड़े गए बदमाश के मामले में माहौल गर्मा गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने हिस्‍ट्रीशीटर बदमाश को अवैध हथियार लेकर फर्जी नंबर वाले गा‍डि़यों में हथियार व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस हिस्‍ट्रीशीटर रमेश लोहार को बाद में जमानत पर छोड़ दिया था। अब दबाव बढ़ने पर उसे सात साथियों के साथ फिर गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने 12 मई को हुए मतदान के दौरान रोहतक के एक बूथ मे अवैध रूप से घुसने के आरोप में राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। रोहतक जिला बार एसोसिएशन के प्रधान लोकेंद्र फोगाट ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने भी केंद्रीय चुनाव आयोग को इस संबंध में पत्र लिखकर शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि रोहतक के काठमंडी स्थित एक बूथ पर कैप्चरिंग का प्रयास किया गया। इसमें उन्होंने शहर से जुड़े एक मंत्री पर आरोप लगाया था।

 

उधर, राज्य के पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने भी मंत्री पर एफआइआर दर्ज होने की पुष्टि की है।

रमेश लोहार को जमानत पर छोड़ा, फिर सात साथियों समेत गिरफ्तार

 

बता दें कि रमेश लोहार और उसके एक साथी को पुलिस ने मतदान के दिन तीन गाडियों में हथियार व कारतूस लेकर घूमते हुए पकडा़ गया था। मतदान के दिन कांग्रेस ने इन बदमाशों के एक राज्‍यमंत्री के साथ मतदान केंद्र में जाने का आरोप लगाया था। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने बदमाश रमेश लोहार और उसके साथी को गिरफ्तार किया था। बाद में उसे अगले दिन सोमवार को थाने से जमानत दे दी गई थी। अब दोबारा से उसकी गिरफ्तारी की गई है। रमेश लोहार के साथ उसके साथी गरनावठी निवासी राहुल, खरक जाटान निवासी सुनील, बोहर निवासी सुनील, मकड़ौली कलां निवासी प्रवीण उर्फ काला, बोहर निवासी सुरेंद्र व सुनील को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने रमेश लोहार और उसके साथी मकड़ौली निवासी सुनील को मतदान के दिन गिरफ्तार किया था। मौके से तीन गाडिय़ां भी बरामद की गई थी। इसमें 15 कारतूस, लाठी-डंडे और अलग-अलग नंबर की कई प्लेट मिली थी। आरोपितों के खिलाफ शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया था। हालांकि पुलिस ने सोमवार को अपने स्तर पर ही दोनों आरोपितों को जमानत दे दी थी। आरोप था कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के काफिले में ही यह गाडिय़ां घूम रही थी।

 

एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि पुलिस ने गाडिय़ों से मिली नंबर प्लेट की संबंधित एजेंसियों से जांच कराई, जिसमें सामने आया कि जो नंबर प्लेट गाड़ी के अंदर मिली है वह सही है और उन्हीं गाडिय़ों की एक्सट्रा नंबर प्लेट थी। गाडिय़ों पर पुरानी नंबर प्लेट लगी थी। जो मोटर एक्ट अधिनियम के तहत अपराध है। हालांकि उसमें धारा 420 नहीं बनती। इसके बाद अब इस मामले में 483, 283, 130, 131बी, मोटर अधिनियम की धारा 49, 192-धारा के तहत कार्रवाई की गई है।

प्रियंका गांधी के रोड शो में मारपीट के मामले में केस दर्ज

 

उधर, वैदिक वीरांगना संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोमिला आर्या की शिकायत पर अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। प्रोमिला की शिकायत के मुताबिक प्रियंका गांधी के रोड शो के दौरान वीरांगना संघ की सदस्य काले झंडे और गो बैक के नारे लगाकर विरोध जता रही थीं। उस वक्त राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी भी यह सब देख रही थीं। उनके इशारे पर रोड शो में शामिल कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। संघ की सभी सदस्यों के साथ मारपीट की गई और जातिसूचक शब्द इस्तेमाल किए गए। संघ का आरोप है कि यह सब प्रियंका गांधी और कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा के इशारे पर हुआ।