आपने गाड़ियों में एयर कंडीशनर (AC) लगा तो खूब देखा होगा। मगर गाड़ी में लगे कूलर की हवा शायद ही खाई हो। बालसमंद गांव के सितार खान ने गाड़ी में ही कूलर लगवाया हुआ है।

दरअसल, हुआ ये कि स्कूल प्रबंधन से परिजनों ने शिकायत की कि बढ़ती गर्मी के कारण स्कूल वैन में उनके बच्चे गर्मी से पसीना-पसीना हो रहे हैं। इस पर स्कूल प्रबंधन ने ड्राइवर सितार खान को बुलाया और गाड़ी में AC लगाने को कहा। सितार खान परेशान हो गया। उसके पास इतना पैसा नहीं था कि वह AC लगवा पाता।

बकौल सितार खान गाड़ी में AC लगवाने के लिए वह मार्केट में गया तो उसे 90 हजार रुपये का खर्च बताया गया। इससे वह परेशान हो गया। उसे भय था कि अगर उसने वैन में AC नहीं लगवाया तो उसकी वैन को स्कूल से हटा दिया जाएगा। 

इसके बाद उसने गाड़ी में कूलर लगवानेे फैसला किया। वह कूलर मार्केट में गया तो उसे इसका खर्च छह हजार रुपये बताया गया। इस पर वह खुश हो गया और गाड़ी में कूलर लगवा दिया। इसके लिए उसे गाड़ी के पिछले दरवाजे पर स्टैंड बनवाना पड़ा। 

सितार खान का गाड़ी में कूलर लगाने का प्रयोग सफल रहा। यह क्रूजर गाड़ी की बैटरी से ही चलता है। खड़ी गाड़ी में 2-3 घंटे का बैकअप है तो वहीं चलती गाड़ी में सारा दिन चलता है। सितार खान का कहना है कि कूलर बेहतर तरीके से काम कर रहा है। अब स्कूल के बच्चे व स्टाफ संतुष्ट हैं।