पटना । अपने 'अर्जुन' (तेजस्‍वी यादव) के समर्थन में लालू के लाल तेज प्रताप सामने आए। उन्‍होंने पहली बार राजद की करारी हार पर अपना मुंह खोला। उन्‍होंने ट्वीट किया तथा तेजस्‍वी के नाम पत्र भी लिखा। मीडिया से भी बात की। 
खास बात यह कि उन्‍होंने तेजस्‍वी को लिखे पत्र की शुरुआत 'प्रिय अर्जुन तेजस्‍वी' से संबोधित किया है। उन्‍होंने तेजस्‍वी को आशीर्वाद भी दिया है। साथ ही अंत में खुद को 'कृष्‍ण' लिखा। उन्‍होंने पार्टी में छिपे दुश्‍मनों पर भी कटाक्ष किया।  तेजस्‍वी के इस्‍तीफे का विरोध करते हुए तेज प्रताप ने इवीएम हटाओ, देश बचाओ के नारा के साथ आंदोलन की घोषणा की। तेजस्‍वी का समर्थन करते हुए अपने ट्वीट में तिखा कि जिसे तेजस्‍वी पर विश्‍वास नहीं, वो पार्टी छोड़ दे।

 

तेजस्‍वी ने कहा कि आपसी समन्वय के साथ 2020 का विधानसभा चुनाव भी तेजस्वी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। उस चुनाव में स्वच्छ और ईमानदार लोगों को ही उम्मीदवार बनाएं। तेज प्रताप ने तेजस्वी को आसपास के लोगों से सावधान रहने की भी नसीहत दी। कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। पत्र की शैली से साफ है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की पराजय को वे अधिक गंभीरता से नहीं लेते हैं। खुद को कहीं से इसके लिए जिम्मेवार भी नहीं मानते हैं।
तेज प्रताप का कहना है कि उन्होंने पार्टी के अंदर आपराधिक प्रवृति के लोगों और परिवार तोडऩे वालों के खिलाफ आवाज उठाई। स्वच्छ छवि के लोगों को उम्मीदवार बनाने की मांग की। उनकी बात नहीं मानी गई। मैंने शिवहर और जहानाबाद की मांग की थी। वह नहीं मिली। तेज ने कहा कि बड़े भाई के नाते उनकी सलाह सुनी जाए, क्योंकि हमने हमेशा गलत तत्वों के खिलाफ आवाज उठाई है। तेज ने तेजस्वी को भरोसा दिया है कि अगला विधानसभा और उसके आगे की लड़ाई में हम आपके साथ हैं। पत्र की शुरुआत में उन्होंने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के संघर्ष को याद किया। कहा कि वे पिता के साथ उनके राजनीतिक गुरु भी हैं। हालांकि मीडिया से बात करते हुए तेजप्रताप ने कहा कि यह हार वोटिंग की नहीं, बल्कि सेटिंग की है। 
तेज प्रताप ने तेजस्‍वी को लिखा ये पत्र 


हमने पहली बार लोकसभा चुनाव 2019 पिताजी आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी के अनुपस्थिति में लड़ा। पिताजी ने हमें आत्मसम्मान के साथ जीना सिखाया एवं अन्याय के विरुद्ध लड़ना सिखाया। मेरे राजनीतिक गुरु मेरे पिता आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी रहे हैं। वे कभी भी अपने सिद्धांत से समझौता नहीं किये। मैंने हमेशा पार्टी के अंदर आपराधिक प्रवृति के लोगों एवं परिवार को तोड़ने वाले के विरुद्ध आवाज़ उठाई। मैंने शुरू से ही योग्य ईमानदार, युवा, कर्मठ, स्थानीय स्वच्छ छवि एव पार्टी के प्रति निष्ठावान व समर्पित लोगों को ही उम्मीदवार बनाने की मांग की। मैंने केवल दो सीट शिवहर एव जहानाबाद मांगी थी, क्योंकि वहां की जनता की मांग स्थानीय उम्मीदवार की थी। मैंने बार-बार आपको इर्द-गिर्द के लोगों से सावधान रहने को बोला। हार की जिम्मेदारी उन्हें लेनी चाहिए, जिन्होंने टिकट बाटें एव जो उम्मीदवार लडें।

मैंने जो भी मांग की एवं पार्टी हित में सलाह दी- मेरी एक न सुनी गई। मैं आज भी आपके नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए मजबूती के साथ एकजुट होकर आपसी सामंजस्‍य बनाते हुए लड़ने की बात कह रहा हूं। आपको ही प्रतिपक्ष का नेता बने रहना है एवं जो आपके इस्तीफे की बात कर रहे हैं, उनका मैं पुरजोर विरोध करता हूं। सभी उम्मीदवार एक-दूसरे पर दोषारोपण न करते हुए ईमानदारी पूर्वक अपनी हार की समीक्षा करें। मैं EVM हटाओ देश बचाओ के लिए आन्दोलन करने जा रहा हूं। 

आपसे आग्रह है कि पार्टी की एकता बनाये रखते हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में स्वच्छ एव योग्य उम्मीदवार को ही टिकट दें। आपसे मेरा निवेदन है कि बड़े भाई होने के नाते मेरी बात एव सलाह सुनी जाये क्योंकि मैंने हमेशा पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के विरुद्ध एव अापराधिक प्रवृति के लोगों से सतर्क रहते हुए पार्टी हित में आवाज उठाई ।

लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम हमलोगों के अच्छे नहीं रहे, लेकिन इसको लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। सामाजिक न्याय और गरीब-गुरबों के हक़ की लड़ाई जो हमलोगों के पिताजी ने लड़ने का काम किया था- हमें उस लड़ाई को साथ मिलकर आगे बढ़ाना है। 2020 और आगे की हर लड़ाई में आपका कृष्ण हमेशा साये की तरह आपके साथ खड़ा है। राजद के समर्पित कार्यकर्ताओं के जज्बे और मेहनत को सलाम करता हूं।

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो, जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम, कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। 

आपका बड़ा भाई कृष्‍ण 

तेज प्रताप यादव