जयपुर। बीते साल के मुकाबले इस साल प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप ऐसा रहा की पूरा प्रदेश बेहाल हो गया मई के अंतिम सप्ताह में शुरू हुई भीषण गर्मी जून के मध्य तक अपना प्रचंड प्रकोप दिखा रही है इस दौरान प्रदेश में दिन का अधिकतम तापमान जहां करीब 51 डिग्री तक पहुंचा. वहीं रात का तापमान 36 डिग्री के पार चला गया।
मौसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून की देरी इस भीषण गर्मी में जनजीवन को और परेशान कर सकती है इस साल केरल में मानसून 7 दिन की देरी से पहुंचा था. जिसके बाद मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि राजस्थान में ये देरी 10 से 12 दिन तक की हो सकती है। ऐसे में इस साल मानसून 24 जून से 28 जून के बीच में दस्तक देने की संभावना है। राजस्थान में मानसून के दस्तक का समय 15 जून से 1 जुलाई के बीच में माना जाता है, लेकिन पिछले तीन सालों से मानसून की देरी ने प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी और उमस से बेहाल कर दिया है. हर साल की तहर इस साल भी मानसून की दस्तक करीब 10 दिन की देरी से देने की संभावना है. इस साल मानसून ने केरल में 8 जून को दस्तक दी, जो निर्धारित समय से 7 दिन की देरी है. वहीं अभी भी मानसून की धीमी गति के चलते प्रदेश में मानसून 24 जून के बाद दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है, जो 28 जून तक की देरी तक पहुंच सकता है वहीं साल 2017 की अगर बात की जाए तो मानसून ने 26 जून को ईस्ट राजस्थान के रास्ते प्रदेश में दस्तक दी थी. जबकि साल 2018 में मानसून ने 27 जून को ही ईस्ट राजस्थान के रास्ते दस्तक दी थी, जो समय से करीब 8 दिन की देरी रही थी. इस साल भी देश में मानसून ने 7 दिन की देरी से दस्तक दी है. इसी वजह से रादस्थान में करीब 10 दिन की देरी की संभावना जताई जा रही है।