जयपुर । शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में शिक्षा विभाग की विषेष समीक्षा बैठक ली। उन्होंने इस दौरान विधानसभा के प्रारंभ होने जा रहे सत्र के दौरान विभागीय तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली तथा कहा कि अधिकारी विधानसभा प्रष्नों को गम्भीरता से ले। उन्होंने कहा कि विधानसभा प्रष्नों के सबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा कोताही को बर्दाष्त नहीं किया जाएग। 
डोटासरा ने इस दौरान विभागीय गतिविधियों की गहन समीक्षा करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में नवाचार अपनाते हुए प्रदेष केा अग्रणी बनाने के लिए सभी स्तरों पर कार्य किया जाए। उन्हांेने सीएसआर के तहत शिक्षा क्षेत्र में मिलने वाले सहयोग की गतिविधियाॅं के दायरे को बढ़ाए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सीएसआर के तहत प्राप्त होने वाली राषि का समुचित उपयोग विद्यार्थियों और शिक्षा क्षेत्र में व्यावहारिक रूप में होना चाहिए।
शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में उपयोगिता के आधार पर ही षिक्षकों का पदस्थापन किए जाने की नीति पर कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विषेष षिक्षकों का पदस्थापन ऐसे स्थानों पर ही किया जाए जिनसे कि विषेष आवष्यकता वाले विद्यार्थियों को उनका समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने शारीरिक षिक्षकों के कार्यों के बारे में भी समीक्षा की तथा कहा कि विद्यालयों में खेल गतिविधियों के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेष के विद्यालय के बच्चों की राष्ट्रीय, राज्य  प्रतियिोगिताओं में समुचित भागीदारी हो, इसे सुनिष्चित करने के लिए शारीरिक षिक्षकों को जवाबदेह किया जाएगा।
डोटासरा ने विद्यालयो में गुणवत्तापूर्ण षि़क्षा के साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी षिक्षकों को कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे देष का भविष्य है, उनका सर्वागीण विकास शिक्षा के तहत हो-इसे सभी स्तरों पर सुनिष्चित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने बैठक में डाईट्स को सुदृढ़ किए जाने के बारे में किए गए कार्यों के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कक्षा आठ और पांचवी की परीक्षाएं जिला षिक्षक प्रषिक्षण संस्थानों से ही करवाई जाए, इस पर कार्य किया जाए। उन्हांेने डाईट्स को षिक्षक प्रषिक्षण के उत्कृष्ट केन्द्र बनाने के लिए वहां योग्यतम षिक्षकों को लगाए जाने के भी निर्देष दिए। 
बैठक में उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान की गतिविधियों के साथ ही साक्षरता और सतत शिक्षा, ओपन स्कूल, पाठ्यपुस्तक मंडल, शिक्षा निदेषालय आदि के कार्यों के बारे में भी समीक्षा की तथा कहा कि विभागीय योजनाओं और कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन हो, इसे सभी स्तरों पर सुनिष्चित किया जाए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव डाॅ. आर. वेंकटेष्वरन, समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेषक डाॅ. एन.के.गुप्ता, शिक्षा निदेषक नथमल डीडेल एवं ओ.पी. कसेरा सहित बड़ी संख्या में शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।