लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जल्द ही आरटीए और एसडीएम दफ्तर के चक्कर नहीं काटने होंगे। जल्द ही आपके घर के नजदीकी सेवा केंद्र में ही इसके लिए अप्लाई कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए सरकारी फीस के अलावा 50 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अभी स्कूटर-कार के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 520 रुपये और इनमें से किसी एक (कार या स्कूटर) के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 370 रुपये सरकारी फीस है।

सेवा केंद्र में ही आवेदन और लर्निंग लाइसेंस का टेस्ट होगा और वहीं से डिलीवरी भी मिलेगी। इस बारे में ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के शिवाप्रसाद ने गवर्नेंस रिफो‌र्म्स के डायरेक्टर को पत्र जारी कर दिया है। इसमें उन्होंने बताया कि सेवा केंद्र को इसका पूरा सिस्टम नेशनल इंफोरमेटिक सेंटर (एनआइसी) मुहैया कराएगी। वहीं, निगरानी व तालमेल के लिए राज्य स्तर पर एडिशनल स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की चेयरमैनशिप में कमेटी बनाई गई है। जिसमें आरटीए सेक्रेटरी मोहाली, एनआइसी प्रतिनिधि और गवर्नेंस रिफो‌र्म्स के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। इस काम के लिए राज्य के ट्रांसपोर्ट मंत्री की मंजूरी ली जा चुकी है।

 

ऐसे होगा काम

लर्निंग लाइसेंस के फॉर्म भरकर सेवा केंद्र में देने होंगे। जिसकी सरकारी फीस चुकाने के बाद वहीं पर फोटो होगी और फिर वहीं पर आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस के लिए कंप्यूटर टेस्ट भी हो जाएगा। फिर यह फाइल ऑनलाइन ही आरटीए या एसडीएम के ऑफिस को चली जाएगी। वहां से दस्तावेज चेक करने के बाद ऑनलाइन ही अप्रूवल आएगी और फिर प्रिंट निकालकर आवेदक को दे दिया जाएगा।

एजेंटों की लूट से मिलेगा छुटकारा

राज्य सरकार की इस नई पहल से लर्निंग लाइसेंस के लिए एजेंटों के चंगुल में फंसने को मजबूर लोगों को राहत मिलेगी। अभी सारा काम आरटीए व एसडीएम के दफ्तर से हो रहा था। जहां पर ढ़ेरों एजेंट सक्रिय हो रखे हैं। जिनकी कुछ कर्मचारियों के साथ सांठगांठ होती है और वो आवेदकों से मोटा पैसा वसूलते हैं। सेवा केंद्र में लर्निंग लाइसेंस बनने से लोगों को आसानी रहेगी क्योंकि वो अपने घर के नजदीक ही इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे, इसके अलावा उन्हें ज्यादा आवेदनों की वजह से ट्रैक पर इंतजार करने, घर से ट्रैक तक चक्कर काटने से भी मुक्ति मिल जाएगी।