पूर्व कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा लाेकसभा चुनाव में रोहतक से हार के बाद आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वह प्रदेश सरकार पर हमलावर दिख रहे हैं। उन्‍होंने यहां प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और उसकी नीतियों पर सवाल उठाए। उन्‍होंने कहा‍कि मनोहरलाल सरकार ने राज्य के युवाओं को बेरोजगारी की गर्त में धकेल दिया है। कांग्रेस के कार्यकाल में निवेश दर व नए उद्योग लगाने में हरियाणा नंबर वन हुआ करता था। लेकिन, भाजपा ने अपने कार्यकाल में हरियाणा और यहां के युवाओंका बुरा हाल कर दिया है।

दीपेंद्र हुड्डा ने यहां कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह की इस सच्चाई को स्वीकार किया कि देश में बेरोजगारी का स्तर बीते 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है। एक अन्य रिपोर्ट में सामने आया है कि पूरे उत्तर भारत में हरियाणा में बेरोजगारी की दर सर्वाधिक 8.8 फीसद है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा सरकार बताए कि कांग्रेस के समय जो हरियाणा निवेश व नए उद्योग लगाने में पूरे देश में सबसे आगे था, आज वह बेरोजगारी की गर्त में कैसे चला गया।

 

 

 

दीपेंद्र ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो रही है कि देश में बेरोजगारी का स्तर 45 वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। हरियाणा में 15 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में बेरोजगारी का स्तर पड़ोसी राज्य पंजाब के 8.3 प्रतिशत, हिमाचल के 6.2 प्रतिशत तथा जम्मू कश्मीर के 5.2 प्रतिशत के मुकाबले सर्वाधिक है। यह राष्ट्रीय औसत 6.5 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। भाजपा सरकार ने इन आंकड़ों को चुनाव के कारण जारी नहीं होने दिया था तथा इन्हें संदिग्ध और झूठा तक करार दिया था।

 

 

 

दीपेंद्र ने कहा कि इसके विरोध में राष्ट्रीय सांख्यिकीय आयोग के दो सदस्यों को इस्तीफा भी देना पड़ा था। इसके बावजूद भाजपा सरकार अपने रुख पर अड़ी रही, जबकि अब इन्हीं आंकड़ों को सरकार सही बताकर जारी कर चुकी है। इससे साबित होता है कि भाजपा सरकार ने सिर्फ वोट पाने के लिए युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। दीपेंद्र ने कहा कि 2014 में भाजपा ने हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन इन पांच सालों में पौने 5 करोड़ लोग बेरोजगार जरूर हो गए।