कोटा: कोटा में जेके लोन अस्पताल में एक दुर्लभ ब्लड ग्रुप का मरीज मिला है. एमबीएस के ब्लड बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक, अस्पताल के सीजीरियन वार्ड में भर्ती महिला मरीज के ब्लड टेस्ट में "बॉम्बे ब्लड ग्रुप" O पॉजिटिव की पुष्टि हुई है.

बताया जा रहा है कि अस्पताल में बूंदी जिले की कापरेन कस्बा निवासी 25 वर्षीय गर्भवती महिला गुलिफ्सा (गुलजार) 8 जुलाई को भर्ती हुई थी. जांच में मरीज के शरीर मे हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 ग्राम पाई गई व ब्लड ग्रुप 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' की पुष्टि हुई थी. 

एनजीओ की मदद से की गई ब्लड की वयवस्था
इस दौरान गर्भवती के ऑपरेशन के लिए  ब्लड की आवश्यकता थी. जेके लोन प्रशासन ने एतिहातन तौर पर समाजसेवी संस्थाओं की मदद से मरीज के लिए "बॉम्बे ब्लड ग्रुप" की व्यवस्था की. लेकिन ऑपरेशन के दौरान ब्लड की जरूरत नही पड़ी. गर्भवती महिला ने गुरुवार को बेबी को जन्म दिया. फिलहाल जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.


मरीज के पूणे से लाया गया था ब्लड
इससे पहले भी 21 अप्रैल को एमबीएस अस्पताल में बारां जिले के किशनगंज क्षेत्र के कलन्दी गांव निवासी 16 वर्षीय मनभर के बॉम्बे ब्लड ग्रुप की पुष्टि हुई थी. मनभर के लिए पुणे से फ्लाइट के जरिये दो यूनिट "बॉम्बे ब्लड ग्रुप" लाया गया था. 

दुर्लभ रक्त समूह है बॉम्बे ब्लड ग्रुप
गौरतलब है कि बॉम्बे ब्लड ग्रुप दुर्लभ रक्त समूह है जो लाखों लोगों में से किसी एक में पाया जाता है. जेके लोन अधीक्षक डॉ एचएल मीणा ने बताया कि बॉम्बे ब्लड ग्रुप के भारत मे केवल 292 मेम्बर हैं. जो जरूरत पड़ने पर ब्लड डोनेट करते है. कोटा में बॉम्बे ब्लड ग्रुप का यह दूसरा मामला सामने आया है. 

जानिए क्या है बॉम्बे ब्लड ग्रुप
यह एक ऐसा ब्लड ग्रुप है जिसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर माना जाता है. माना जाता है कि पूरी दुनिया में सिर्फ 0.0004 फीसदी लोगों में यह ब्लड ग्रुप मिलता है. देश में 10,000 लोगों में मात्र 1 वयक्ति इस रक्त समुह का हो सकता है. इसे एचएच ब्लड टाइप भी कहते हैं. इसके अलावा रेयर एबीओ ग्रुप भी. सबसे पहले एक डॉक्टर वाई एम भेंडे ने इसकी 1952 में इसकी खोज की थी. लेकिन बॉम्बे में इस ब्लड ग्रुप के कुछ लोग सबसे पहले मिले थे. जिस कारण इसका नाम बॉम्बे ब्लड ग्रुप रखा गया.


रेयर ग्रुप का ब्लड मिलना मुश्किल
इस ब्लड ग्रुप वाला व्यक्ति एबीओ ब्लड ग्रुप वाले को ब्लड दे तो सकता है. लेकिन उससे ब्लड नहीं ले सकता. लेकिन अगर जरुरत पड़ने पर वो केवल एचएच ब्लड ग्रुप वालों से ही ब्लड ले सकता है.