उसावां थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे रखे खोखे पर पलट गया। ट्रक में लदी गेहूं की बोरियां दीवार तोड़ते हुए मकान के अंदर जा गिरीं। दीवार के मलबे, गेहूं की बोरियों और ट्रक से दबकर दो सगी मासूम बहनों समेत सात लोगों की मौत हो गई। छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा सोमवार रात करीब पौने दस बजे हुआ। ग्राम हड़ौरा के सुरेंद्र घर के सामने अपने चाय के खोखे पर बैठे थे। पांच कांवड़िये वहां बैठकर चाय पी रहे थे। पास में ही कुछ बच्चे खेल रहे थे। तभी दातागंज की ओर से आया गेहूं लदा ट्रक बेकाबू होकर खोखे पर पलट गया। उसमें लदी गेहूं की बोरियां सुरेंद्र के घर की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसीं। घर में सुरेंद्र की बेटी काजल (5) और नंदनी (1) एक चारपाई पर सो रहीं थीं। दोनों की दीवार के मलबे और गेहूं की बोरियां से दबकर मौत हो गई। 

हादसे के बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने ट्रक चालक को तुरंत हिरासत में ले लिया और ग्रामीण गेहूं की बोरियां हटाने में जुट गए। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन और जेसीबी मंगवाकर ट्रक हटवाया तो उसके नीचे दबे पांच कांवड़ियों को निकाला गया जिनकी मौत हो चुकी थी। देर रात तक शिनाख्त नहीं हो सकी। इस हादसे में सुरेंद्र, उनके भाई मुनेंद्र, पिता सोनपाल समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने सभी शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए हैं।