अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज एकता नर्सरी के निरीक्षण के दरमियान 90 वर्षीय डोवड़ुं लोकवाद्य वादक रंगलाभाई से बहुत ही आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। इस कला को जीवंत रखने की उनकी निष्ठा की विजय रूपाणी ने जमकर सराहना की। 
उल्लेखनीय है कि रंगलाभाई और उनके साथी बांस और मोरपंख की सजावट से निर्मित डोवड़ुं लोकवाद्य को बजाने वाली पीढ़ी के अंतिम प्रतिनिधि हैं। इस वाद्य को बजाने के लिए बहुत ही ताकत लगानी पड़ती है और उसमें हवा भरनी होती है। नयी पीढ़ी को यह वाद्य बजाने में कोई रुचि नहीं है। बड़ा डोवड़ुं विवाह जैसे शुभ अवसरों पर और छोटा डोवड़ुं सिर्फ देव पूजन में बजाया जाता है।
एकता नर्सरी में विभिन्न प्रकार के इनडोर और आउटडोर प्लांट लगाए गए हैं। इस स्थल को आदिवासी ग्रामीणों के लिए उनके परम्परागत कुशलताओं, खान-पान और कला-रोजगार के साथ जोड़कर मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां जल खेती अर्थात मिट्टी बगैर सिर्फ पानी में वनस्पति उगाने की पद्धति का निरीक्षण किया। गोबर, मिट्टी और कृषि कचरे से बनाए जाने वाले गमलों और पर्यावरण के लिए लाभदायी प्रयोगों की बारीकी से जानकारी हासिल की। उन्होंने अद्भुत कहा जा सके, ऐसे बगीचे, केक्टस उद्यान और तितली उद्यान के विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।