मुंबई ।  आर माधवन ऐसे अभिनेता हैं, जो अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। साउथ की फिल्मों के साथ ही हिन्दी सिनेमा के इस पॉप्युलर अभिनेता को ट्रोल्स अक्सर अपना निशाना बनाते रहते हैं, लेकिन हर बार उन्हें माधवन से करारा जवाब मिलता है। इस बार फिर कुछ ऐसा ही तब हुआ जब एक महिला ट्विटर यूजर ने उनकी आस्था पर सवाल उठाने की कोशिश की। दरअसल, माधवन ने अपने 15 अगस्त को एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वह अपने परिवार के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने यह तस्वीर राखी बंधवाने और अवनी अवित्तम से जुड़े अनुष्ठान को पूरा करने के बाद शेयर की थी। अवनी अवित्तम के दौरान ब्राह्मण अपने जनेऊ की अदला-बदली करते हैं। उनके इस फोटो को कई लोगों ने पसंद किया लेकिन एक महिला यूजर ने माधवन की आस्था पर सवाल उठा दिए। उसने अभिनेता के इस फोटो को जूम करते हुए पीछे दिख रखे पूजास्थल में रखे क्रॉस (ईसाई धर्म प्रतीक) को हाइलाइट किया और लिखा, 'इनके बैकग्राउंड में क्रॉस क्यों दिखाई दे रहा है? क्या यह मंदिर है? आपने मेरा सम्मान खो दिया। क्या आपको चर्च में हिंदू भगवान की प्रतिमाएं दिखती हैं? आपने आज जो कुछ किया वह सब ढोंग है'।
आर माधवन को ट्रोल की बात पसंद नहीं आई और उन्होंने कड़े शब्दों में इस सब की आलोचना करते हुए एक पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने साफ किया कि उन्हें उन जैसे लोगों के सम्मान की जरूरत भी नहीं है। उन्होंने लिखा-मुझे आप जैसे लोगों से सम्मान पाने की परवाह नहीं है। मैं उम्मीद करता हूं कि आप जल्द ठीक हो जाएं। मैं हैरान हूं कि आपने अपनी बीमारी में वहां पर लगी गोल्डन टेंपल की तस्वीर नहीं देखी और मुझसे यह नहीं पूछा कि क्या मैंने सिख धर्म अपना लिया है। उस जगह पर दरगाह और दुनियाभर के अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़ी चीजें भी रखी हुई हैं। कुछ को मुझे तोहफे में दिया गया था तो कुछ मैंने खुद खरीदे। 
जिस तरह सेना में हर धर्म के लोग होते हैं वैसे ही मेरे स्टाफ में भी हर धर्म के लोग हैं जो मेरे घर आते-जाते हैं। मेरे घर में एक ही पूजा का स्थल है जहां सभी प्रार्थना करते हैं। मुझे बचपन से सिखाया गया था कि अपनी पहचान पर हमेशा गर्व करो, लेकिन दूसरे धर्म और दूसरों की आस्था व विश्वास का भी पूरा सम्मान करो। मैं हर धर्म का सम्मान करता हूं और उम्मीद करता हूं कि मेरा बेटा भी यह बात सीखे। जब भी मुझे पूजा करने के लिए मंदिर नहीं मिलता तो मैं दरगाह, गुरुद्वारा और चर्च में पूजा करता हूं, जहां पर मुझे बहुत प्यार मिलता है वह भी यह जानते हुए कि मैं उनके धर्म का नहीं बल्कि एक हिंदू हूं। ऐसे में मैं भला कैसे इन भावनाओं को दूसरों को नहीं बांटू। मेरे पास सिर्फ प्यार और सम्मान है देने के लिए और मेरा ट्रैवल एक्सपीरियंस कहता है कि यही सच्ची आस्था है। मेरी ओर से आपके लिए भी शांति और प्यार।'