पटना: बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार बैठकों से गैरमौजूद हैं. मानसून सत्र में भी उनकी मौजूदगी भी कम देखी गई. अगले साल विधानसभा के चुनाव हैं ऐसे में तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी राष्ट्रीय जनता दल को परेशान कर रही है वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड ने आरजेडी के चार हिस्सों में बंटने की आशंका जाहिर की है.

भारतीय जनता पार्टी ने आरजेडी को नेतृत्वहीन पार्टी करार दिया है. शनिवार को राष्ट्रीय जनता की एक अहम बैठक थी. बैठक में तेजस्वी यादव को शामिल होना था लिहाजा आरजेडी के उत्साही कार्यकर्ता एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन तेजस्वी यादव नहीं आए. 

 


पार्टी की बैठकों से तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर बिहार में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू ने सवाल उठाए हैं. हालांकि आरजेडी इससे इत्तेफाक नहीं रखती है. पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी के मुताबिक, आरजेडी का लगातार विस्तार हो रहा है सदस्यता अभियान भी जोरों पर हैं और पार्टी मजबूती से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को सहयोगी दलों के साथ लड़ेगी.तेजस्वी यादव मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में कुछ ही दिन उपस्थित रहे.


नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी को जेडीयू और भाजपा ने मुद्दा बना लिया है. जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि,तेजस्वी यादव एक महत्वाकांक्षी राजनेता है और वो पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहते हैं. 

संजय सिंह के मुताबिक, लालू यादव नहीं चाहते हैं कि तेजस्वी यादव पार्टी का अध्यक्ष बने क्योंकि अगर वो राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो उनकी हालत मुलायम सिंह यादव जैसी हो जाएगी. राष्ट्रीय जनता दल चार हिस्सों में बंट जाएगा. एक की अगुवाई मीसा भारती करेंगी, एक का नेतृत्व तेजप्रताप के हाथ में होगा, एक का नेतृत्व तेजस्वी और एक का नेतृत्व राबड़ी देवी करेंगी.

संजय सिंह ने कहा कि, तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं और राघोपुर से विधायक भी. कम से कम तेजस्वी यादव राघोपुर की जनता का तो ध्यान रखें. भारतीय जनता पार्टी के नेता और बिहार विधानपरिषद के सदस्य नवलकिशोर यादव ने कहा है कि, आरजेडी बिना नायक वाली पार्टी हो गई है और अब हर कोई इससे किनारा चाहता है. नवलकिशोर यादव ने कहा कि, जिस पार्टी ने 15 साल तक शासन किया जहां एक ही व्यक्ति और परिवार का बोलबाला रहा उस पार्टी की ये हालत तो होनी ही थी.