जालंधर के थाना कैंट और सीआईए स्टाफ-1 की पुलिस ने मंगलवार रात हुए रिटायर्ड अध्यापक की हत्या का खुलासा कर आरोपी को काबू कर लिया है। उससे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
प्रेस वार्ता में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि मंगलवार रात रिटायर्ड टीचर तरसेम लाल अग्रवाल निवासी पंचशील एवेन्यू जालंधर कैंट की लाश मिलिट्री अस्पताल की पीछे सोफी पिंड को जाते कच्चे रास्ते पर मिली थी। मृतक के शरीर पर तेजधार हथियार से वार के 28 कट लगे थे। थाना कैंट में मृतक के भांजे मनीष बांसल के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया था।

कमिश्नर भुल्लर ने बताया कि मामले के खुलास के लिए एडीसीपी-2 परमिंदर सिंह भंडाल, एसीपी कैंट रविंदर पाल सिंह, एसीपी हेडक्वार्टर विमल कांत, एसीपी डिटेक्टिव कमलजीत सिंह और सीआईए स्टाफ के इंचार्ज हरमिंदर सिंह की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने बारीकी से जांच शुरू की तो इनपुट मिला, जिसकी बिनाह पर पुलिस ने आरोपी सन्नी पुत्र तिलकराज निवासी मकान नंबर 21 मोहल्ला नंबर 4 कैंट को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। 
पुलिस ने घर से वारदात में इस्तेमाल चाकू, मृतक का पर्स व नकदी, एक्टिवा की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस और वारदात के समय पहनी हुई आरोपी की पैंट बरामद की है।

सन्नी ने बताया कि उसने पिता का इलाज कराने के लिए तरसेम लाल से दो लाख 80 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। सन्नी ने बताया कि पैसे न चुकाने पर ब्याज के साथ रकम अब पांच लाख तक पहुंच चुकी थी। उसने डेढ़ लाख रुपया तरसेम को दे दिया था। 
बकाया रकम वह चुका नहीं पा रहा था तो तय किया कि तरसेम लाल की वह हत्या कर कांटा ही निकाल देगा। योजना के मुताबिक, आरोपी ने बहाने से तरसेम लाल को सोफी पिंड के कच्चे रास्ते पर ले जाकर तेजधार चाकू से 28 वार कर कत्ल कर दिया।

पुलिस ने तरसेम लाल की मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो सामने आया कि उसकी बात सन्नी से लगातार हुई थी, जिससे पुलिस का शक सीधा सन्नी पर गया। पुलिस ने सन्नी को जब काबू किया तो वह टूट गया और हत्या की पूरी कहानी उगल दी।