अलवर. राजस्थान के बहरोड़ थाने (Police Station Behror) पर हमला कर विक्रम उर्फ पपला गुज्जर (Papla Gujjar) को लॉकअप से छुड़ाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) मंगलवार को बड़ा खुलासा कर सकती हैं. इस मामले की शुरुआती जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद सोमवार को 75 पुलिसवालों पर गाज गिरी थी. महानिदेशक भूपेंद्र सिंह (DGP Bhupendra Singh Yadav)  ने लापरवाही सामने आने के बाद पूरे थाने को लाइन हाजिर किया है. साथ ही 2 हैड कांस्टेबलों (Head Constable) को सेवा से बर्खास्त किया गया, एक पुलिस उप अधीक्षक (Deputy Superintendent Of Police), थानाधिकारी (Station House Officer), एक हैडकॉस्टेबल और एक कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया.

पकड़े गए पपला को भगाने में मदद करने वाले

एसओजी ने बहरोड़ लॉकअप ब्रेक कांड के 3 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस केस में अब तक 5 आरोपियों को पुलिस अरेस्ट कर चुकी है. उधर, पपला को भगाने में मदद करने के 7 आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. पपला ने लॉकअप से भागने के बाद इनकी मदद से ही पहली रात गुजारी थी.

75 पुलिस कर्मियों पर गिरी गाज, 69 लाइन हाजिर

महानिदेशक भूपेंद्र सिंह की ओर से जारी आदेश में सोमवार को हैडकॉस्टेबल रामावतार व हैडकॉस्टेबल विजयपाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. क्षेत्र में पूर्व में वृत्ताधिकारी रहे जनेश सिंह तंवर, थानाधिकारी सुगन सिंह, हैडकॉस्टेबल सुनील और कॉस्टेबल कृष्ण कुमार को निलंबित किया गया साथ ही वृत्ताधिकारी (Circle Officer) रामजीलाल को एपीओ किया गया है. बहरोड़ थाना क्षेत्र के शेष सभी 69 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है एवं उनके स्थान पर अन्य पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है.