लातूर में जिला प्रशासन ने गणपति विसर्जन पर रोक लगा रखी थी, ऐसे में यहां पर गणपति विसर्जित नहीं होंगे बल्कि मूर्ति बनाने वालों को बांट दिए जाएंगे.
    गणपति विसर्जित नहीं होंगे बल्कि मूर्ति बनाने वालों को बांट दिए जाएंगेइलाके में पानी की किल्लत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है

इस साल महाराष्ट्र के लातूर में अलग तरह का गणपति विसर्जन देखने को मिल सकता है. दरअसल लातूर में जिला प्रशासन ने गणपति विसर्जन पर रोक लगा रखी थी, ऐसे में यहां पर गणपति विसर्जित नहीं होंगे बल्कि मूर्ति बनाने वालों को बांट दिए जाएंगे. इलाके में पानी की किल्लत को देखते हुए यह फैसला लिया गया.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, लातूर जिला मजिस्ट्रेट जी. श्रीकांत ने बताया, "बारिश नहीं होने के कारण लातूर में पानी की कमी हो गई है. ऐसे में पानी में विसर्जन करने की इजाजत नहीं दी गई है. इसके बजाए हम विसर्जित होने वाली मूर्तियों को शिल्पकारों को मुफ्त बांटेंगे."
बता दें प्रशासन के इस फैसले के बाद शनिवार को जिला कलेक्टर के कार्यालय में गणपति की मूर्तियों की लाइन लग गई. मूर्तियों के विसर्जन की जगह उन्हें एक जगह जमा करके डीएम ऑफिस ले जाकर रखा गया है.