महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महाजनादेश यात्रा, अपने तीसरे चरण में अहमदनगर के काष्टि तालुका से शुरू होकर बारामती पहुंची. बारामती में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार पर निशाना साधा.
    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गाना गाकर दोनों पर तंज कसा सीएम ने फिल्म "चाचा-भतीजा" का गाना गाकर निशाना साधा

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की महाजनादेश यात्रा, अपने तीसरे चरण में अहमदनगर के काष्टि तालुका से शुरू होकर बारामती पहुंची. बारामती में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने भाषण में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने गाना गाकर दोनों पर तंज कसा. उन्होंने 70 के दशक की फिल्म "चाचा-भतीजा" का गाना गुन-गुनाकर शरद पवार और अजित पवार यानी चाचा-भतीजे पर निशाना साधा.

"बुरे काम का बुरा नतीजा... क्यों भई चाचा... हां भतीजा..," यह गाना गाकर मुख्यमंत्री फडणवीस ने तंज कसा. मुख्यमंत्री ने आरोप लगया कि अजित पवार ने अपने कार्यकाल में बुरे काम ही किए हैं, न किसानों की चिंता की और न ही विकास के काम किए.   

शरद पवार और अजित पवार पर कसे गए तंज के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं ने भी मुख्यमंत्री पर पलटवार किया. मुख्यमंत्री फडणवीस जैसे ही यात्रा के रथ पर सवार हुए तो कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. कार्यकर्ताओं ने नाराबाजी में सीएम को 'नागपुर का चोर' कहा. साथ ही उन्होंने अजित पवार के पक्ष में भी नारे लगाए. हंगामे के बीच एनसीपी कार्यकर्ताओं ने यह आरोप भी लगाया कि मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने की वजह से उन पर बल प्रयोग भी किया गया.

मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए बनवाया 270 किलो का हार

शनिवार शाम को बीजेपी की जनादेश यात्रा पुणे के हडपसर इलाके में पहुंची. हडपसर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक योगेश टिलेकर ने सीएम फडणवीस का स्वागत अनोखे अंदाज में किया. सीएम फडणवीस के लिए उन्होंने 270  किलो का फुलों का बड़ा सा हार बनवाया. हार इतना बड़ा है कि इसे पहनाने के लिए क्रेन का इंतजाम किया गया. पुणे के फुल बाजार में एक व्यापारी और भारतीय जनता पार्टी के नेता हरिभाऊ कामठे ने हार के लिए 100 किलो पत्ते और 170 किलो झंडू के फूलों का इस्तेमाल किया.हार बनाने में 25 लोगों की मेहनत शामिल है. 10 घंटे की मेहनत के बाद यह हार बनाया गया.