शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. शिवसेना का कहना है कि उन्हें दावा पेश करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया गया, जबकि बीजेपी को 48 घंटे का वक्त दिया गया था. शिवसेना ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को चुनौती दी.
महाराष्ट्र में सरकार गठन पर सस्पेंस जारी है. भारतीय जनता पार्टी के बाद शिवसेना भी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर पाई. अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को आज यानी मंगलवार की शाम तक का मौका दिया गया है. हालांकि, बहुमत साबित करने से पहले राष्ट्रपति शासन की अटकलें शुरू हो गई हैं. इन हालातों में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ली है.

शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. शिवसेना का कहना है कि उन्हें दावा पेश करने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया गया, जबकि बीजेपी को 48 घंटे का वक्त दिया गया था. शिवसेना ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को चुनौती दी. इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होगी.

राज्यपाल भवन फिर से एक्टिव

इस बीच राज्यपाल भवन फिर से एक्टिव हो गया है. अगर एनसीपी बहुमत के जादुई आकंड़े को नहीं जुटा पाती है तो महाराष्ट्र में क्या होगा? इस स्थिति के कानूनी पहलुओं पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कानूनविदों से चर्चा की. इसके साथ ही राज्यपाल, केंद्र सरकार से भी बात कर रहे हैं.

तेजी से बदल रहे सियासी समीकरण

बता दें कि राज्‍य में भाजपा 105 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विधायक संख्या वाली पार्टी है. लेकिन बीते शनिवार को भाजपा ने सरकार गठन में असमर्थता जाहिर कर दी थी. इसके बाद राज्‍यपाल ने रविवार को 56 विधायकों के साथ शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. लेकिन, पार्टी कांग्रेस और एनसीपी से समर्थन के पत्र उपलब्ध नहीं करा सकी, भले ही इसने 'सैद्धांतिक रूप में' उनसे समर्थन का दावा भी किया.

शिवसेना ने राज्यपाल से और समय मांगा, जिन्होंने अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया. तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच सोमवार को देर रात, राज्यपाल ने सरकार बनाने प्रयास करने के लिए 54 विधायकों के साथ तीसरे सबसे बड़े दल एनसीपी को आमंत्रित किया. एनसीपी के पास आज यानी मंगलवार की शाम तक का समय है.