राजस्थान के एजुकेशन हब कोटा शहर में बुधवार को एक साथ दो छात्रों के सुसाइड से हड़कंप मच गया. इनमें से एक छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी तो दूसरे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

सुसाइड करने वालों में एक कोचिंग छात्र था और दूसरा नर्सिंग का. इनमें से एक ने ट्रेन के आगे कूद कर मौत को गले लगा लिया. पुलिस के अनुसार छात्र का शव डाउन लाइन पर कटा हुआ मिला था. जिसकी शिनाख्त करने पर मामला बिहार मूल के नर्सिंग छात्र द्वारा आत्महत्या करने का निकला. मृतक के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.

 

सुसाइड नोट में छात्र ने मौत का जिम्मेदार खुद को मानते हुए किसी को परेशान नहीं करने की बात कही है. जानकारी के अनुसार कोटा के एक कॉलेज में नर्सिंग करने वाले सौरभ ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. सौरभ गैता का निवासी था. उद्योग नगर थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. एक ही दिन में छात्रों द्वारा आत्महत्या करने का यह दूसरा मामला है.

एक छात्र का शव हॉस्टल में लटका मिला:

पुलिस को लैडमार्क सिटी के राज रेजिडेंसी हॉस्टल में छात्र का दो दिन पुराना शव लटका हुआ मिला. जानकारी के अनुसार बिहार के भागलपुर जिला निवासी निखिल ने बाथरूम मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए शव का परिजनों के कोटा पहुचने के बाद ही पोस्टमार्स्टम किया जाएगा. फिलहाल पुलिस को कोई सुसाइड नोटस नहीं मिला है. जिसके कारण आत्महत्या के कारणों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. निखिल 18 जून को ही कोटा आया था. और ऐलन कोचिंग संस्थान में मेडिकल की तैयारी कर रहा था.

घर वाले खुद यहां मरने के लिए 'छोड़कर' जाते हैं!

हम मुंबई के सुसाइड पॉइंट बनेे बांद्रा-वर्ली सी लिंक की बात नहीं कर रहे, जहां से अक्सर लोगों के आत्महत्या करने की खबरें आती रहती हैं. हम बात कर रहे हैं कथिततौर पर भारत के उस सबसे बड़े सुसाइड पॉइंट की, जहां लोगों को सुसाइड करने के लिए घर वाले खुद 'लेकर' पहुंचते हैं. औसत की बात करें तो साल में करीब दो दर्जन से अधिक आत्महत्याएं यहां दर्ज की जाती हैं. अब तो इसका नाम भी लोग 'सुसाइड सिटी' पुकारने लगे हैं.