कोटा शहर में जिला कलेक्ट्रेट पर शुक्रवार को आयोजित हुआ सुंदरकांड दिनभर चर्चा का विषय बन रहा.

समस्या के समाधान के लिए नारेबाजी और हंगामे की जगह जब लोगों ने ढोलक और मंजीरों की आवाज पर सुंदरकांड के श्लोक सुने तो हर कोई हतप्रभ रह गया.

दरलसल, यह आयोजन करवाया था चंबल बचाओ आंदोलन समिति के पदाधिकारियों ने, जो चंबल शुद्धिकरण की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं.

समिति संयोजक राकेश शर्मा राकू के नेतृत्व में चल रहे इस धरने में समिति की महिला सदस्य सुबह ढोलक-मंजीरे और पूजा पाठ की सामग्री लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंची और रामदरबार के साथ हनुमान की तस्वीर लगाकर सुंदरकांड का पाठ शुरू कर दिया.

दो घंटे की अवधि में महिलाओं के साथ पदाधिकारियों ने इस पाठ को पूरा किया और भगवान से केंद्र व राज्य सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की. समिति संयोजक राकेश शर्मा भी इस दौरान मौजूद रहे.

समिति पदाधिकारियों का आरोप है कि पिछले 10 दिनों से जिला कलेक्ट्रेट पर समिति का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है.

उन्होंने कहा कि चंबल में जिस गति से गंदे नालों का पानी छोड़ा जा रहा है उसको देखते हुए आने वाले समय में इसका पानी पीने योग्य भी नही रहेगा.