यूपी में इलाहाबाद की ग्रामीण पंचायत फिर विवादों के घेरे में है. आरोप है कि गांव के पंचों ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए गांव की नाबालिग लड़की की शादी उसके अपहरणकर्ता से ही करा दी है.

कहा यह भी जा रहा है कि पंचायत के पंचों ने यह मनमाना फैसला पुलिस के इशारे पर किया है. शादी के बाद से नाबालिग लड़की और अपहरणकर्ता से उसके पति बने युवक को फौरन गांव से बाहर हटा दिया गया है.

इस मामले में इलाके के दरोगा की ऑडियो क्लिप और शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

शादी में न बैंड बाजा, न बारात और न ही कोई सगे संबंधी को बुलाया गया. परिवार की महिलाएं भी नदारत थीं. रात के अंधेरे में सिर्फ चुनिंदा तमाशबीनों की मौजूदगी में हो रही यह शादी इलाहाबाद में इन दिनों सुर्खियां बटोर रही है.

इसमें दूल्हा-दूल्हन ने गांव के पुराने मंदिर के बरामदे में एक-दूसरे को माला पहनाई. इसके बाद पुजारी ने कुछ रस्में अदाकर चंद मिनटों में ही फेरे करा दिए. बस शादी पूरी हो गई. शादी में मेहमान और रिश्तेदारों को तो छोड़िये, दूल्हा-दुल्हन की मां और बहनें तक शामिल नहीं हो सकीं.

दरअसल, नाबालिग लड़की की शादी जिस युवक से कराई गई है, वह उसे 7 जुलाई को अगवा कर ले गया था. अगवा करने के बाद वह उसे दिल्ली ले गया. वहां उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. लड़की के परिवारवालों ने उसके अपहरण की अर्जी स्थानीय थरवई थाने में दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की.

इस बीच परिवार वालों ने दिल्ली जाकर लड़की का पता लगा लिया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने लड़की को इलाहाबाद पुलिस की कस्टडी में ही देने की बात कही. दिल्ली पुलिस के कहने पर इलाहाबाद पुलिस दिल्ली गई और 17 जुलाई की रात इलाहाबाद लाकर उन्हें गांव की पंचायत के हवाले कर दिया.