घर वालों की मर्जी के बिना 17 साल की उम्र में दूसरे धर्म के लड़के से शादी कर ली। पिता ने भी सारे रिश्ते-नाते तोड़ दिए। शादी का फैसला भी उनके लिए गलत ही साबित हुआ। पेट्रीसिया नारायण का पति ड्रग एडिक्ट था और अपनी पत्नी पर जमकर अत्याचार करता था।

इस बीच दो बच्चे भी हो गए। जब पति का अत्याचार हद से आगे बढ़ा तो इन्होंने अपने पति से रिश्ता खत्म करना ही सही समझा। लेकिन जाती भी कहां पिता तो पहले ही रिश्ता तोड़ चुके थे।

पेट पालने के लिए पेट्रीसिया ने मरीना बीच पर ठेला लगाना शुरू किया। पहले दिन केवल 50 पैसे की कमाई हुई। इससे वो दुखी हुईं और ये पेशा बंद करने का फैसला लिया। लेकिन मां के समझाने पर इन्होंने और मेहनत के साथ अपना काम शुरू किया। इनकी मेहनत रंग लायी और इनकी कमाई 25 हजार तक हो गई।

इसके बाद पेट्रीसिया ने स्लम क्लियरेंस बोर्ड और नेशनल मैनेजमेंट ट्रेनिंग स्कूल में कैंटीन लगाई। इससे वो हर हफ्ते एक लाख रुपये तक कमाने लगीं। बेटी बड़ी हो गई थी इन्होंने एक अच्छा लड़का देखकर उसकी शादी कर दी। लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंजूर था। एक कार एक्सीडेंट में उनकी बेटी और दामाद की मौत हो गई।

इस घटना ने उन्हें तोड़ कर रख दिया। बेटे ने उन्हें समझाया और अपनी जिम्मेदारी पर बहन के नाम से 'संदीपा' नाम का रेस्टोरेंट शुरू कर दिया। शुरूआती दौर में रेस्टोरेंट में केवल 2 कर्मचारी काम करते थे लेकिन आज रेस्टोरेंट में 200 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

इतना ही नहीं आज 'संदीपा' रेस्टोरेंट के करीब 14 आउटलेट्स चल रहे हैं। आज पेट्रिसिया रोजाना 2 लाख रुपये कमा रही हैं। पेट्रीसिया एक मिसाल हैं उन लोगों के लिए जो कठिन परिस्थितियों से हार मानकर बैठ जाते हैं। परिस्थितियों से घबराएं नहीं बल्कि उनका डटकर मुकाबला करें।