कोटा में एक और कोचिंग छात्रा ने सोमवार रात को फांसी लगाकर आत्महत्या करली. मृतका स्नेहा बिहार के खगड़िया जिले की रहने वाली थी और महावीर नगर के एक हॉस्टल में रह कर एलन कोचिंग सस्थान में मेडिकल की कोचिंग कर रही थी.

स्नेहा के साथी छात्रा ज्योती का कहना है कि स्नेहा पढ़ाई में एवरेज थी, लेकिन शायद उसको पढ़ाई का दबाव ज्यादा था. स्नेहा हंसमुख भी थी, लेकिन ऐसा कदम कैसे उठा लिया ये समझ से बाहर है.

पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित किया गया है. परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमास्टम किया जाएगा.

आपको बता दें कि कोटा सुसाइड सिटी के नाम से मशहूर होता जा रहा है. यहां पिछले एक साल में एक दर्जन छात्र पढ़ाई के भारी दबाव के चलते मौत को गले लगा चुके हैं. इस मामले को लेकर प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी चिंता जाहिर की थी और कहा था कि हम कोटा को कोचिंग छात्रों की सुसाइड फैक्ट्री नहीं बनने दे सकते हैं.

वहीं इस मामले में कोटा प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के लिए गाइडलाइन भी जारी की थीं. हालांकि उन गाइडलाइन के बिंदुओं का कोचिंग संस्थान सम्पूर्ण पालन नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते छात्रों की आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोटा में अधिकतर छात्र एलन कोचिंग संस्थान के हैं.