इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनउ पीठ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार से जानना चाहा कि उसने केन्द्र की ओर से डेंगू और ऐसी ही अन्य बीमारियों की रोकथाम के वास्ते उचित बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए दिये गये 24.98 करोड़ रूपये वापस क्यों कर दिये.

अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि केन्द्र सरकार से उसे 2015-16 में कितना धन मिला और उसने कितना उपयोग किया. साथ ही प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) को निर्देश दिया कि वह सुनवाई की अगली तारीख 17 अक्तूबर को हलफनामा दाखिल कर ब्यौरा पेश करें.

न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप साही और न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी ने डेंगू और ऐसी ही अन्य बीमारियों की रोकथाम के उचित इंतजामों की कमी को लेकर दायर चार जनहित याचिकाओं पर उक्त निर्देश दिये.

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि डेंगू और ऐसी ही अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाये गये हैं.