एमपी के मंडला जिले में ब्लू गैंग के नाम सुनते ही शराबियों के चेहरे की हवाइयां उड़ जाती हैं. इस गैंग से सभी शराबी काफी डरे हुए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस गैंग के सामने जाम छलकाने की कीमत उन्हें समाज से बहिष्कृत होकर चुकानी पड़ती है.

दरअसल, गांव पदमी में जय माता दी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने ब्लू गैंग बनाकर नशे के खिलाफ जंग छेड़ी हुई है.

 

ब्लू साड़ी पहनी महिलाओं की इस गैंग के खौफ का आलम ये है कि गांव में अब अवैध शराब की बिक्री तो दूर बल्कि शराब पीने से पहले भी लोग कई बार सोचते हैं.

ये गैंग अपने और आसपास के गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताती हैं. साथ ही शराब की अवैध रूप से बिक्री करने वाले और पीने वाले को समझाइश भी देती हैं.

इसके बावजूद कोई व्यक्ति नहीं सुधरे तो उन पर आर्थिक दंड लगाने के बाद समाज से भी बहिष्कृत कर दिया जाता है. इतना ही नहीं ये महिलाएं शराब बेचने वालों के बारे में जानकारी देने वालों को इनाम भी देती हैं. जानकारी मिलने के बाद ये गैंग लाठियां थामे वहां छापा मारती है और उस दुकान को बंद करा दिया जाता है.

नशे के खिलाफ महिलाओं की इस पहल की खास वजह भी है. वो शराब के सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव को जानती हैं. वो जानती है कि यदि घर के मर्द ने शराब से तौबा कर ली तो घर में सुकून तो होगा ही साथ ही पैसे की बचत भी होगी जिससे बच्चों को अच्छी परवरिश मिल सकेगी.

क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि भी इन महिलाओं के हौसले के कायल हैं और इन्हें हर संभव मदद भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि महिलाओं के खौफ के चलते कई नशेड़ी नशे से तौबा कर चुके हैं और कई घर बरबाद होने से बच गए हैं.