रोटी कपड़ा और मकान सबसे मूल जरूरतों में से एक हैं। जिसमें से मकान एक बड़ी जरूरत है। घर में सकारात्मक माहौल से परिवार की खुशियां भी डबल हो जाती हैं। इसके लिए जरूरी है कि रहने के लिए घर खरीदते समय और किराए पर लेते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन चीजों के आस-पास होने से जीवन में कई परेशानियां अपनेआप समाप्त हो जाती हैं। कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ चाणक्य की निवास करने के लिए जरूरी 5 बातें आज भी सही साबित होती हैं। नीचे दिए गए चाणक्य के श्लोक के माध्यम से इन पांच बातों को समझाया गया है। यहां हम आपको बता रहे हैं  ऐसी ही 5 बातों के बारे में जिन्हें घर लेते समय ध्यान रखना चाहिए। अगली स्लाइड में पढ़ें: 

धनिक: श्रोत्रियो राजा नदी वैद्यस्तु पंचम:।
पंच यत्र न विद्यन्ते तत्र दिवसं वसेत्।।

धनिक: आचार्य चाणक्य के अनुसार जहां धनी लोग रहते हों वो स्थान रहने के लिए उपयुक्त है। कहा जाता है कि धनी लोगों के आस-पास रहने से वहां के व्यापार को जानने में भी मदद मिलती है साथ ही ऐसी जगह नौकरियों की भी कमी नहीं होती है। 

श्रोत्रियो: आचार्य चाणक्य के अनुसार श्रोत्रियों यानी विद्वान और ज्ञानी लोग जहां रहते हों वहां ही रहना चाहिए। मूर्खों की संगति में रहने से कोई फायदा नहीं है। विद्वान व्यक्ति के घर के आस-पास रहने से आपको अच्छे और बुरे के बारे में फैसला करने की समझ आती है।

राजा: राजा का मतलब हुआ प्रशासन या नेतृत्व: जहां राजा निवास करता हो उसके पास आपको भी निवास करना चाहिए। इससे एक तरफ जहां शासन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी होती है वहीं समाज में सम्मान भी मिलता है।

नदी: आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस जगह नदी बहती हो उसके आस-पास निवास करना उपयुक्त है। नदी बहते रहने का प्रतीक है। इसके अलावा जहां नदी होगी वहां पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगा और दूसरे प्राकृतिक लाभ भी मिलेंगे। 

वैद्यस्तु: आचार्य चाणक्य के अनुसार जहां वैद्य निवास करता है उस जगह के आस-पास घर लेना अच्छा रहता है। कहा जाता है कि जहां वैद्य रहेगा वहां बीमारियां होने पर  इलाज की व्यवस्था जल्द हो जाएगी। 


पंच यत्र न विद्यन्ते तत्र दिवसं वसेत्।।
आचार्य चाणक्य के अनुसार जहां ये पांचों चीजें उपलब्ध ना हों वहां बिल्कुल भी निवास नहीं करना चाहिए।