जम्मू: जम्मू में हुनर और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इसका एक बार फिर उदाहरण दिया है जम्मू की होनहार बेटी ओजस्विनी सराफ ने। महज 19 वर्ष की उम्र में ओजस्विनी सिंगापुर में मकेनिकल इंजीनियरिंग में लोहा मनवाने जा रही है। इन्दिर गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय की टीम पंथेरा का हिस्सा बनी ओजस्विनी सराफ उन 14 लड़कियों में शामिल है जो 16 से 19 मार्च 2017 तक सिंगापुर में चलने वाली शेल ईको मैराथन में भाग लेंगी। पूरे एश्यिा में यह 15 लड़कियों की इकलौती ऐसी टीम पंथेरा है जो पुरूषों को मात देने के लिए मकेनिकल इंजीनियरिंग के दंगल में उतरेगी।

 


कैसे मिली युवा सोच को परवाज
19 वर्ष की आयु में इस तरह के प्रोजेक्ट ख्याल के बारे में ओजस्विनी अपना अनुभव बांटती हैं। उनका कहग्रा है कि कालेज के पहले सत्र में उनके काले में कुछ सोसाइटीज आईं और उनमें से एक थी टीम पंथेरा। जिसने एक ऐसी गाड़ी के बारे में बताया, जो अपने आप में रूचिकर थी। उन्होंने जब भर्ती प्रक्रिया शुरू की तो मैं अपने आप को रोक नहीं पाई और बस टीम का हिस्सा बन गई।

 


आसान नहीं है कार बनाना
ओजस्विनी कहती हैं, कार बनाना आसान नहीं है। मैने शुरू में इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया। पर यह काम वाकई में कठिन है। मुझे लगा दो घंटे काम करना है और फिर घर चले जाना है। पर यह इतना आसान नहीं है। हमारे सीनियर ने इसमें बहुत मेहनत की है। उन्होंने डिजाइन से लेकर फ्रेम बनाने में जी जान लगाई है।

 


जम्मू कश्मीर के लिए बहुत भावुक है ओजस्विनी
ओजस्विनी वास्तव में जम्मूग्रही नहीं है। वह दिल्ली में पली बढ़ी है। उसका कहना है कि जम्मू कश्मीर में मैं रही नहीं हूं, इसलिए ज्यादा जानती नहीं हूं। पर मुझे लगता है कि राजनीतिक तनाव के कारण वहां पर स्कूलों में पढ़ाई काफी प्रभावित रहती है। मैं युवओं से कहना चाहती हंंू कि अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत करो। आप मेहनत करोगे तो मेहनत रंग जरूर लाएगी।