राजस्थान में जलदाय विभाग के भ्रष्टाचार के कारनामों में एक और चौकाने वाला खुलासा सामने आया है. पीएचईडी मुख्यालय के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री उजाला योजना में एलईडी लाइट्स खरीदारी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है.

एसीबी की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रधानमंत्री उजाला योजना में राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के प्रयास से सस्ती दरों पर एलईडी लाइट्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, इसके लिए केन्द्र सरकार ने 9 वाट के एक एलईडी लाइट की कीमत 65 रुपए रखी गई थी, लेकिन पीएचईडी अधिकारियों ने 9 वाट का बल्ब 972 रुपए में खरीदा है.

हैरानी की बात ये है कि सिर्फ जयपुर में ही नहीं बल्कि पीएचईडी के राजस्थान के कई अधिकांश कार्यालयों पर पीएम उजाला योजना में एलईडी लाइट खरीदारी में घोटाला उजागर हुआ है.

पीएचईडी द्वारा ये बल्ब राजस्थान के अधिकांश शहरों में सप्लाई किए गए हैं, यहीं नहीं पीएचईडी कार्यालयों पर भी प्रधानमंत्री उजाला योजना में भ्रष्टाचार कर खरीदे गए बल्बों का उपयोग किया जा रहा है.

एसीबी सूत्रों के अनुसार, 15 गुना महंगी दरों पर खरीदे गए एलईडी बल्बों के घोटालें में पीएचईडी अधिकारियों के साथ-साथ सेन्ट्रल वेयर हाऊस और ठेकेदारों की भी मिलीभगत है.

एसीबी ने पीएचईडी मुख्यालय को नोटिस भेजकर एलईडी लाइट्स खरीदी संबंधित सभी दस्तावेजों को तलब किया था. करीब दो माह पहले एसीबी द्वारा दिए गए नोटिस के बाद पीएचईडी मुख्यालय ने अभी तक एसीबी को करीब पांच हजार दस्तावेज ही भेजे हैं. एसीबी को पीएचईडी द्वारा लाइट खरीदी संबंधित दस्तावेज राजस्थान के सभी कार्यालयों से मिल रहे हैं.

एसीबी ने दस्तावेजों की छानबीन की है, जिसमे एलईडी लाइट्स के साथ साथ पीएचईडी द्वारा अन्य उपकरणों की खरीदी में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा सामने आ रहा है.