उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में मंगलवार से जी-20 के आर्थिक फ्रेम वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी) की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई. बैठक में विकसित और विकासशील देशों के 75 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं.

बैठक में जी-20 के नेता वर्तमान वैश्विक आर्थिक स्थिति पर चर्चा होनी है. इसकी रिपोर्ट जुलाई में जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में होने वाले जी-20 सम्मेलन में रखी जाएगी. इस बैठक में वर्किंग ग्रुप के सदस्य देशों के वित्त मंत्रालय और केन्द्रीय बैंको के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं.

इस बैठक में ग्लोबल इकोनॉमी के सामने पेश चुनौतियों पर चर्चा की जानी है. साथ ही इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि विकास की राह में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए दुनियाभर के देशों के पास क्या विकल्प हैं? बैठक में जी-20 देशों के एजेंडे में शामिल समावेशी विकास पर भी विचार किया जाना है.

पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी से पहले बर्लिन और रियाद में इस तरह की बैठक हो चुकी है. अंतिम एवं चौथी वार्ता अर्जेंटीना में होने की उम्मीद है.  मंगलवार को बैठक का उद्घाटन वित्त मंत्रालय के सचिव शशिकांत दास ने किया. भारत और कनाडा इस बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता कर रहे हैं.

भारत जी-20 के आर्थिक फ्रेम वर्किंग ग्रुप की बैठक की चौथी बार मेजबानी करने जा रहा है. इसके पहले यह साल 2012 में राजस्थान के नीमराना, 2014 में गोवा, 2015 में केरल में मेजबानी कर चुका है. इस बैठक का एजेंडा ग्लोबल अर्थव्यवस्था को समावेशी बनाने पर केन्द्रित है.