शांति की चादर ओढ़े पहाड़ों के बीच से गुजरती ट्रेन और पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी से शहर देखने मात्र का ख्याल ही मन में रोमांच पैदा कर देता है। इसके बाद तो बस इंतजार बचता है छुट्टियां पड़ने और एग्जाम्स खत्म होने का। इस बार समय से पहले दस्तक से चुकी गर्मी से बचने और अलग-अलग डेस्टिनेशंस पर घूमने की तैयारियां सैर-सपाटा पसंद लोगों ने शुरू कर दी हैं। आइए डालते हैं एक नजर गर्मियों के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पर।

शांत पहाड़ों के बीच शोर मचाती ख्वाहिशें

जो लोग देश में उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ों का लुत्फ कई बार उठा चुके हैं और अब दूसरी पहाड़ी घाटियों का नजारा देखना चाहते हैं, उन्हें यूरोप लुभा रहा है। यूरोप टूरिस्ट्स को अपने कल्चर से लेकर ऐतिहासिक बिल्डिंग और रहन-सहन की वजह रोमांचित करता है। यहां अप्रैल के आखिर और मई के महीने की वेदर कंडीशंस लोगों को खूब रास आती हैं। यूरोप में ज्यादातर लोग एक बार में कई देशों की यात्रा करना पसंद करते हैं। इसमें 12 से 14 दिन के टूर पैकेज शामिल होते हैं। इस तरह के पैकेज में लंदन, ऐम्सटर्डम, स्वीट्जरलैंड, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, बेल्जियम और ऑस्ट्रिया जैसी आठ टूरिस्ट डेस्टिनेशंस शामिल हैं। इसमें 12 से 14 दिनों का पैकेज एक लाख 50 हजार से लेकर एक लाख 90 हजार रुपये तक का खर्च आता है। इसमें एयर टिकट से लेकर रहना, खाना और साइट सीन शामिल है। एक ओर स्वीट्जरलैंड में बर्फ से ढके पहाड़ हैं, जिनके बीच से गुजरती ट्रेन मन में रोमांच पैदा करती है। वहीं, लंदन की आर्ट गैलरी और म्यूजियम भी शामिल हैं। यूरोप की वह डेस्टिनेशंस जिन्हें लोग पोस्टकार्ड और सीनरी में देखते आए हैं वह आंखों में सामने नजर आएगीं।

हिमाचल और उत्तराखंड टूरिस्ट की पहली पसंद

जो लोग लोकल डेस्टिनेशंस पर छुट्टियां बिताना चाहते हैं, उनकी टॉप लिस्ट में उत्तराखंड के नैनीताल, रानीखेत, बद्रीनाथ, जिम कॉर्बेट, कौसानी और हिमाचल प्रदेश में कुल्लू-मनाली, धर्मशाला और डलहौजी जैसी जगहें शामिल हैं। यूपी ट्रैवल असोसिएशन के अध्यक्ष सुशील तिवारी कहते हैं कि पिछले कुछ समय नेपाल के डाउन होने का भी इन प्रदेशों को फायदा मिला है। सामान्य तौर पर उत्तराखंड के तीन रात के प्रीमियम पैकेज के चार्ज 35 हजार रुपये प्रति व्यक्ति है। इसके अलावा रेगुलर पैकेज में 22 हजार रुपये में सभी सुविधाएं मिल जाएंगी। इसमें आने जाने का खर्च नहीं शामिल है। यही चार्ज हिमाचल प्रदेश जाने के लिए भी लोगों को देने पड़ेंगे। हालांकि, अगर कश्मीर जाने का प्लान है तो इतने ही रुपयों में छह दिन की यात्रा का मजा ले सकते हैं।


गर्मी में बीच का मजा

मंगल टूर्स ऐंड ट्रैवल्स के ओनर राजीव सक्सेना कहते हैं कि जो लोग बीचेस का मजा लेना चाहते हैं वे मलयेशिया, सिंगपुर और बैंकॉक जैसी जगह जा रहे हैं। दरअसल, वक्त से पहले देश गर्मी की चपेट में आ गया है। ऐसे में गोवा समेत कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के बीच में गर्मी होने की वजह से टूरिस्ट वहां जाने बच रहे हैं। इसके अलावा गोवा के बजट में पटाया और बाली जैसी जगह आसानी से घूमा जा सकता है। सिंगापुर हॉन्गकॉन्स, मकाऊ और थाईलैंड में 4 दिन और 5 रातें रुकने का खर्च 60 से 85 हजार के बीच आता है। ऐसे में भारतीय टूरिस्ट इन देशों का भी रुख कर रहे हैं।

पीएम के बयान से उम्मीदें

हाल ही चेनानी नाशरी सुरंग के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री के दिए गए टूरिज्म या टेररिज्म वाले बयान से टूरिज्म से जुड़े लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। दरअसल, अब कश्मीर के लोगों को सोचना पड़ेगा कि आतंकवाद से उनका कितना नुकसान हो रहा है। सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि दूसरे प्रदेश में बैठे ट्रैवलिंग एजेंट्स को भी कश्मीर जाने वाले टूरिस्ट्स से बहुत फायदा होता रहा है। पिछले चार साल में आतंकवादी घटनाओं के चलते कश्मीर जाने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। कभी गर्मी की छुट्टियों में टूरिस्ट्स से भर जाने वाला कश्मीर इस समय एकाध टूरिस्ट की राह देख रहा है। वहां जाने वालों की संख्या अब महज दस प्रतिशत ही बची है।