राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर के पहाड़ी क्षेत्र में मंगलवार को एक बार फिर आग ने हड़कंप मचा दिया. यहां  लकड़वास की पहाड़ी में देखते ही देखते आग विकराल हो गई और अमूल्य वन सम्पदा नष्ट हो गई.

इस दावानल से लकड़वास की पहाड़ी क्षेत्र में स्थित फैक्ट्रियों में भी हड़कंप मचा हुआ है. कर्मचारियों में आग उन तक पहुंचने का अंदेशा है वहीं सुबह से लगी आग पर दोपहर बाद तक काबू नहीं पाया जा सका है.

हिरणमगरी थाना क्षेत्र में इस दावानल से पहले पिछले सप्ताह ही केवड़े की नाल और डाकन कोटड़ा में आग लग चुकी है. आग शहर से 20 किमी दूर बाघदड़ा नेचर पार्क में लगी. आरएसएमएम के बारूद गोदाम से 400 मीटर तक आग के बढ़ने के बाद प्रशासन द्वारा आस-पास के इलाकों को खाली कराया गया. इस आग में पार्क में पयटकों के लिए लगे झूले एंव अन्य मनोरजंन की चीजों के जलने की बात भी समाने आई.

इससे पहले पिछले महीने उदयपुर में सेना की एकलिंगगढ़ छावनी के समीप बांकी वनखंड में भी आग भड़की थी. आग के विकराल रूप को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत के भरसक प्रयास किए लेकिन वो नाकाफी साबित हुए. आखिर सेना के हेलीकॉप्टर को एकलिंगगढ़ छावनी में लाया गया. हेलीकॉप्टर ने पहले पहाड़ी के चारों और दो चक्कर लगाकर स्थिति को देखा और बाद में पिछोला झील से पानी के तीन हजार लीटर भराव क्षमता वाले बकेट को भर कर आग वाले स्थानों पर छिड़काव किया गया और तब आग पर काबू पाया जा सका.