आगरा
यहां पति-पत्नी और 'वह' के बीच एक समझौता चर्चा का विषय बना हुआ है। थाने में हुए लिखित समझौते के मुताबिक पति एक दिन अपनी पत्नी और एक दिन अपनी प्रेमिका के साथ रहेगा। वहीं, हफ्ते के सातवें दिन उसे इस बात की छूट है कि वह जिसके साथ चाहे रह सकता है। इतना ही नहीं उसकी कमाई भी दोनों में बराबर बंटेगी। इस समझौते से न ही पत्नी को एतराज है और न ही प्रेमिका को। समझौते को तीनों के अलावा पुलिस ने भी स्वीकार कर लिया है। मामला आगरा के सिकंदरा थाने का है।

ऑफिस छोड़ने जाते समय ऑटो में हुआ था प्यार
शास्त्रीपुरम में रहने वाले शादीशुदा ऑटो ड्राइवर मनोज रोजाना एक युवती को उसके ऑफिस छोड़ने जाते थे। इस दौरान युवती से उनकी दोस्ती हो गई और फिर दोस्ती का रिश्ता प्रेम में बदल गया। बाद में दोनों ने मंदिर में विवाह कर लिया। हालांकि, युवती पहले से शादीशुदा थी लेकिन पति से विवाद चल रहा था। उसकी एक बेटी भी है। ऑटो ड्राइवर के भी 2 बच्चे हैं।

पति के इस रिश्ते के बारे में पहली पत्नी को पता चल गया। महिला ने पति को किसी और के चक्कर में न पड़ने के लिए आगाह किया। पति मान गया और प्रेमिका के घर जाना बंद कर दिया। उससे रिश्ता खत्म कर लिया और मोबाइल नंबर भी बदल दिया। प्रेमिका से दूसरी पत्नी बनी युवती मंगलवार को ऑटो ड्राइवर के घर पहुंच गई और साथ चलने की जिद करने लगी। उस व्यक्ति ने इनकार किया तो युवती पुलिस को बुला लाई। पुलिस दोनों को थाने ले आई। इतनी देर में मनोज की पहली पत्नी भी थाने पहुंच गई।

पति के साथ-साथ कमाई भी बांट ली
दोनों महिलाएं किसी भी हाल में मनोज के साथ एकसाथ रहने को राजी नहीं थीं इसलिए एक राजीनामा तैयार किया गया। सिकंदरा थाना प्रभारी बृजेश पांडेय ने बताया कि राजीनामे में लिखा है कि मनोज बारी-बारी से दोनों के साथ एक-एक दिन रहेंगे और उनके भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं, हफ्ते का सातवां दिन मनोज की मर्जी का होगा। मनोज जिसके पास भी रहेंगे, उस दिन की ऑटो की कमाई भी उसी महिला की होगी।

दोनों की इन शर्तों पर रजामंदी के बाद मनोज को उनकी प्रेयसी से दूसरी पत्नी बनी महिला अपने साथ ले गई और पहली पत्नी ने अपने पति को खुशी-खुशी विदा कर दिया लेकिन दूसरे दिन आने का वादा निभाने की शर्त के साथ।