राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू का पारा जंगल में लगी के कारण बढ़ गया है. माउंट आबू में 16 से अधिक जगहों पर आग लगी है, जिसके चलते वन सम्पदा का भारी नुकसान हुआ है.

अनादरा प्वाइंट पर लगी हुई विकराल रूप धारण किए हुए आग करीब 15 से 20 किलोमीटर  के क्षेत्रफल में फैली हुई है. आग के तांडव के आगे वन विभाग सहित जिला प्रशासन बौना नजर आ रहा है.

जानकारी के अनुसार, आबूरोड के समीप ऋषिकेश और चण्डेला की पहाड़ियों में पिछले 6 दिनों से आग जल रही थी पर वन विभाग की ओर से आग को बुझाने का कोई सफल प्रयास नहीं किया गया, ना ही स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन को आग की खबर दी गई.

जब आग ने माउंट आबू में मौजूद अरावली की पहाड़ियों को चारों ओर से घेर लिया तो वन विभाग ने इसकी जानकारी प्रशासन को दी. आनन-फानन में अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी राज्य स्तर पर करवाई और सीआरपीएफ व एयर फोर्स के जवानों की मदद लेकर आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए. लेकिन आग के विकराल रूप के आगे ये सब प्रयास विफल नजर आए.

प्रशासन ने आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद मांगी, जिस पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश पर मौके पर हेलीकॉप्टर को भेजा गया. हेलीकॉप्टर करीब 4 बजे माउंट आबू पहुंचा और रेसक्यू शुरू किया. हेलीकॉप्टर ने नक्की लेक से पानी भरकर दावानल पर छिड़का. 7 राउंड होने के बाद हेलीकॉप्टर का ईंधन खत्म होने के चलते रेस्क्यू को रोका गया. पूरे मामले में एसडीएम सुरेश कुमार ओला ने कमान सम्भाल रखी है.

एसडीएम ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए एक और हेलीकॉप्टर मंगवाया गया है. दोनों हेलीकॉपटर शनिवार को आग बुझाने के लिए रेस्क्यू करेंगे.