हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के नाजिम ने एक फरमान जारी किया है, जिसमें रात 11 बजे बाद सिर्फ वही जायरीन दरगाह में रुकेगा जिसके पास दरगाह कमेटी द्वारा दरगाह में रुकने की इजाजत होगी.

फरमान जारी होने के बाद दरगाह, मस्जिदों में इबादत के लिए बैठे इबादत गुजारों में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब दरगाह कमेटी के चपरासियों ने इबादत कर रहे जायरीन और स्थानीय लोगों को जबरदस्ती दरगाह से बाहर निकाल दिया. इस फैसले से दरगाह के खादिमों में भी रोष व्याप्त हो गया है.

खादिमों का कहना है कि दरगाह कमेटी को पहले अंजुमन से राय मशवरा करना चाहिए था. दरगाह कमेटी द्वारा ये फैसला दरगाह सुरक्षा को लेकर लिया गया है.

आपको बता दें कि हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में दुनिया भर से जायरीन आते हैं. 24 घंटे जायरीन के अजमेर आने का सिलसिला जारी रहता है.

कुछ जायरीन तो अजमेर ऐसे समय आते हैं जब उन्हें दरगाह के आस पास ठहरने के लिए कोई जगह नहीं मिलती है ऐसे में वे रात में दरगाह में बैठकर इबादत करके अपना समय बिताते हैं, लेकिन इस फरमान के बाद उन्हें समस्या होने लगी है. साथ ही दरगाह के खादिमों में भी रोष व्याप्त हो गया है.