फतेहपुर सीकरी में हुए बवाल के बाद आगरा में बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने के मामले में पुलिस ने 183 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दारोगा जेपी मौर्य ने बलवा, डकैती, जानलेवा हमला, 7 सीएलए सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है। बता दें कि फतेहपुरी सीकरी में गिरफ्तार किए गए भाजपा, विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं को आगरा के सदर थाने में लाने के बाद यहां बवाल हुआ था।
 
आरोपियों में बंटी ठाकुर, मधुसूदन शर्मा, गोविन्द पाराशर, अनुपम पंडित, राजीव शर्मा, गौरव राजावत, सुनील पाराशर, दिग्विजय नाथ तिवारी, दीपक बघेल, राकेश तिवारी सहित 33 नामजद और 150 अन्य हैं।

वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए घटनास्थल से 67 वाहन भी जब्त किए। साथ ही पुलिस ने मुकदमे में विधायक चौधरी उदयभान सिंह के थाने आने के बाद हालात बिगड़ने का जिक्र किया है। 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, पुलिस उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है।  
 
इसके अलावा कल हुए बवाल के बाद स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आगरा में फीरोजाबाद, मैनपुरी और मथुरा से फोर्स मंगाई गई। फोर्स को सदर और हरीपर्वत थाना क्षेत्र में तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और इंस्पेक्टर को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को फतेहपुर सीकरी थाने पर प्रदर्शन के बाद जमकर बवाल बवाल हुआ। इन संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सीओ अछनेरा रविकांत पाराशर से खींचतान की।

आरोप है कि विश्व हिंदू परिषद के प्रांत विद्यार्थी प्रमुख जगमोहन चाहर ने सीओ को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। बाद में लोगों ने थाने पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों ओर से तकरीबन आधे घंटे तक ईंट-पत्थर फेंके गए। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। पुलिस ने मौके से छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को पुलिस शहर के थाना सदर बाजार में ले आई थी। रात में हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली वे सदर थाने पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। वे कार्यकर्ताओं को छोड़ने का दबाव बना रहे थे।