गाजियाबाद

फीस बढ़ोतरी का मामला प्रशासन के बाद शासन तक पहुंच चुका है तो स्कूलों की मनमानी भी लगातार बढ़ती जा रही है। ताजे मामले में आरोप है कि ऐनुअल चार्ज न देने पर शनिवार को प्रताप विहार स्थित सीएसएचपी पब्लिक स्कूल में 8 बच्चों को करीब 2 घंटे तक धूप में खड़ा रखा गया। इस संबंध में पैरंट्स सोमवार सुबह कंप्लेंट करने डीएम निधि केसरवानी के पास पहुंचे तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने में असमर्थता जता दी, जिससे पैरंट्स नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। उन्होंने डीएम की टेबल पर रखीं फाइलें पटक दीं और जिला मुख्यालय के मेनगेट पर धरना शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर आरती सोनी और कविनगर एसएचओ हेमंत राय ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो पैरंट्स उनसे भी भिड़ गए। पैरंट्स ने गौतमबुद्धनगर की तर्ज पर गाजियाबाद में भी ऐनुअल चार्ज पर रोक लगाने का आदेश जारी करने की मांग की। ऐसे में डीएम ने 26 अप्रैल तक कार्रवाई होने का आश्वासन दिया।

मंडे को स्कूल नहीं गए बच्चे



प्रताप विहार एरिया में रहने वाली रीता शर्मा ने बताया कि उनके 2 बच्चे प्रताप विहार स्थित सीएसएचपी स्कूल में पढ़ते हैं, जिनमें एक का ऐनुअल चार्ज उन्होंने नहीं जमा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐनुअल चार्ज के लिए शनिवार को स्कूल प्रबंधन ने उनके एक बच्चे समेत 8 स्टूडेंट्स को करीब 2 घंटे तक धूप में खड़ा रखा। इसके चलते सोमवार को उनके दोनों बच्चे स्कूल भी नहीं गए। हालांकि स्कूल की कोऑर्डिनेटर हेमलता कौशिक ने आरोप को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि स्कूल में फीस को लेकर बच्चों से नहीं, बल्कि सीधे पैरंट्स से संपर्क किया जाता है। शुक्रवार या शनिवार को ऐसा कोई मामला नहीं हुआ है।

मिलने से डीएम का इनकार

सोमवार सुबह करीब 11 बजे पैरंट्स कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप है कि इस दौरान डीएम ने उनसे मुलाकात करने से साफ इनकार कर दिया। ऐसे में अभिभावकों ने जोरदार नारेबाजी और हंगामा किया, जिसके बाद सिटी मैजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और अभिभावकों को डीएम कार्यालय ले गए।

इसलिए नाराज हो गए पैरंट्स

पैरंट्स के मुताबिक, मुलाकात के दौरान उन्होंने स्कूलों की मनमानी और शासन व प्रशासन के आदेशों की अवहेलना होने के बारे में जानकारी दी तो डीएम स्कूलों की मनमानी तुरंत रोकने में असमर्थता जताई। आरोप है कि डीएम ने यहां तक कहा कि यदि स्कूल मान नहीं रहे हैं तो किस सेक्शन में कार्रवाई करूं। ऐसे में पैरंट्स नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। इसके बाद डीएम ने 26 अप्रैल को पैरंट्स व स्कूल मैनेजमेंट की एक और मीटिंग बुलाकर मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया।

संघ नहीं, अभिभावकों के साथ करो मीटिंग

डीएम कार्यालय पहुंची एक अभिभावक सीमा ने कहा कि 26 अप्रैल को होने वाली मीटिंग में इस बार अभिभावक संघ के बजाए पैरंट्स से बात करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ के नाम पर कुछ लोग लेन-देन कर मामले को शांत कराने में जुटे हैं। वह 26 अप्रैल होने वाली मीटिंग में अपने बच्चों को भी लाएंगी।

डीएम ने मांगी लिस्ट

बातचीत के दौरान डीएम ने पैरंट्स से एक लिस्ट मांगी है, जिसमें उनके बच्चे के स्कूल का नाम और स्कूल से एक प्रतिनिधि का नाम व नंबर मांगा गया है। डीएम ने बताया कि 26 अप्रैल की मीटिंग में इन स्कूलों के अभिभावकों को बुलाया जाएगा। वहीं, जिन स्कूलों की शिकायत मिली है, उन्हें तुरंत नोटिस भी भेज दिया है कि 20 दिन तक एनुअल चार्ज न लिया जाए।

क्यों नहीं थम रहा मामला..?

फीस बढ़ोतरी पर प्रशासन की ओर से ऐनुअल चार्ज लेने पर 20 दिन की रोक लगने और उसके बाद शासन स्तर से एक हफ्ते में कार्रवाई के आश्वासन के बाद भी फीस बढ़ोतरी को लेकर सोमवार को पैरंट्स उग्र हो गए। उनका आरोप है कि प्रशासन के आदेश के बाद भी स्कूल ऐनुअल चार्ज ले रहे हैं। वहीं, डीएम का कहना था कि 18 अप्रैल को हुई मीटिंग में 13 स्कूलों के खिलाफ मिली शिकायत पर चर्चा की गई थी। ऐसे में उन्हीं स्कूलों को ऐनुअल चार्ज पर रोक लगाने का नोटिस दिया गया है। पैरंट्स का कहना था कि प्रशासन का आदेश सिर्फ कुछ स्कूलों तक कैसे सीमित हो सकता है।

इतना बढ़ गया ऐनुअल चार्ज

इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल, प्रताप विहार 9000 से 10320

सुनीति ज्ञान पब्लिक स्कूल, पंचवटी 2200 से 4000

चिल्ड्रंस अकैडमी, विजयनगर 5000 से 7000

(नोटः ये आंकड़े अभिभावकों की जानकारी के आधार पर हैं।)



कोट

यदि किसी बच्चे या पैरंट्स से कोई प्राइवेट स्कूल एनुअल चार्ज की मांग करता है और बच्चे के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करता है तो इसकी शिकायत पैरंट्स लिखित रूप से डीएम कार्यालय में दे सकते हैं। फिलहाल शासन और प्रशासन स्तर से फीस वृद्धि के मामले को सुलझाने की प्रक्रिया चल रही है। अभिभावकों हंगामा करने की जगह अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से रखनी चाहिए। - निधि केसरवानी, डीएम