इस्तांबुल
मारिया शारापोवा स्टुटगार्ट क्लेकोर्ट टूर्नमेंट से 15 महीने के बैन के बाद वापसी कर चुकी हैं। उनकी वापसी से कनाडा की स्टार प्लेयर यूजिनी बुकार्ड काफी नाराज हैं। बुकार्ड ने शारापोवा पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें चीटर कहा। साथ ही बुकार्ड ने शारापोवा पर से बैन हटाने पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि उन पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए।

बता दें कि प्रतिबंधित दवा लेने के कारण 30 वर्षीय शारापोवा पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे बाद में 15 महीने का कर दिया गया था। वापसी के बाद शारापोवा स्टुटगार्ट ग्रांप्री के दूसरे दौर में पहुंच चुकी हैं। वहीं, माना जा रहा है कि फ्रेंच ओपन में भी उन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री मिल सकती है।

बुकार्ड ने शारापोवा की वापसी को लेकर टीआरटी वर्ल्ड के साथ एक साक्षात्कार में कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह सही है। वह (शारापोवा) एक चीटर हैं और मुझे नहीं लगता कि किसी धोखेबाज को फिर से खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए। शारापोवा की वापसी वैसे खिलाड़ियों के लिए बहुत दुखद है जो सही तरीके से खेलते हैं और सच्चे हैं।' उन्होंने इस फैसले के दूरगामी प्रभावों से आगाह करते हुए कहा कि डब्ल्यूटीए (वीमंज टेनिस असोसिएशन) के इस फैसले से युवाओं में गलत संदेश गया है कि चीटिंग करो और आपकी वापसी का हम खुले हाथ से स्वागत करेंगे

शारापोवा ने अपने प्रदर्शन से दिया जवाब
वाइल्ड कार्ड प्रवेशधारी शारापोवा ने स्टुटगार्ट ग्रांप्री के पहले दौर में इटली की रॉबर्टा विंसी को 7-5, 6-3 से मात देकर अपने खेल से जवाब दिया है। शारापोवा ने कहा कि इन नकारात्मक प्रतिक्रियाओं से मुझ पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। पिछले साल 2016 के ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दौरान हुए परीक्षण में मेलडोनियम प्रतिबंधित दवा के सेवन की दोषी पाई गई थीं।

फ्रेंच ओपन में भाग लेने पर फैसला 16 मई को
पूर्व नंबर एक शारापोवा फ्रेंच ओपन का हिस्सा बन पाएंगी या नहीं, इसका फैसला 16 मई को टूर्नमेंट के लिए वाइल्ड कार्ड की घोषणा के साथ होगा। फ्रेंच ओपन के आयोजकों ने बताया कि 28 मई से 11 जून तक चलने वाले ग्रैंड स्लैम के लिए 16 मई को वाइल्ड कार्ड की घोषणा की जाएगी।