शास्त्रों के अनुसार झाड़ू को महालक्ष्मी का ही एक स्वरूप माना गया है। झाड़ू से दरिद्रता रूपी गंदगी को बाहर किया जाता है। जिन घरों के कोने-कोने में भी सफाई रहती है, वहां का वातावरण सकारात्मक रहता है। घर के कई वास्तु दोष भी दूर होते हैं। साथ ही, इनसे जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो महालक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त की जा सकती है। आइए जानते है इससे जुड़े शकुन और अपशकुन :

 

1.शास्त्रों में कहा गया है कि सुबह-सुबह आंगन में झाड़ू लगाना चाहिए। इसी तरह किसी के घर से जानें के बाद झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। कहा जाता है कि इससे उस व्यक्ति का काम नहीं बनता।

2. कहा जाता है कि खुले स्थान पर झाड़ू रखना अपशकुन होता है, इसलिए इसे छिपा कर रखें।

3. वहीं भोजन कक्ष में झाड़ू न रखें, क्योंकि इससे घर का अनाज जल्दी खत्म हो सकता है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

4. यदि अपने घर के बाहर हर रोज रात के समय दरवाजे के सामने झाड़ू रखते हैं तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है। ये काम केवल रात के समय ही करना चाहिए। दिन में झाड़ू छिपा कर रखें।

5. दक्षिण-पश्चिम दिशआ झाड़ू रखने के लिए शुभ मानी जाती है।