अक्‍सर देखा गया है कि शादी के लिए जब लड़का पक्ष लड़की देखने जाता है तो वह लड़की से सवाल-जवाब करता है. लड़की वाले भी सवाल-जवाब करते हैं. लेकिन ऐसा शायद ही आपने सुना हो कि शादी के लिए लड़के-लड़की ने लिखित परीक्षा दी है. जी हां, यह सच है और ऐसा उत्‍तर प्रदेश के मैनपुरी में हुआ है. दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक शादी के रिश्‍ते के सिलसिले में दोनों पक्षों के परिजनों ने एक मेले का मैदान तय किया. रिपोर्ट के मुताबिक मामला कुरावली क्षेत्र से जुड़ी युवती का है. परिजनों ने उसका रिश्‍ता फर्रुखाबाद में तय किया था.

देखने और बात पक्‍की करने के लिए नुमाइश के मेले में मिलने की बात हुई. दोनों पक्षों की मुलाकात हुई. लड़का-लड़की ने भी एक-दूसरे को देखा और पसंद किया. सब ठीक चल रहा था. अचानक से माहौल उस वक्‍त बदलना शुरू हो गया जब युवक ने युवती की परीक्षा लेनी शुरू कर दी. उसने बैग से डायरी और कलम निकालकर युवती को थमा दी. लड़की से नाम, पता और फोन नंबर लिखने को कहा. उसके बाद लड़के ने कुछ कठिन वाक्‍य बोले तो लड़की ने उनको भी सही ढंग से लिख दिया. संतुष्‍ट होने के बाद युवक ने शादी के लिए हामी भर दी.

लड़की को लड़के का यह तरीका पसंद नहीं आया. उसने कहा कि अब वह भी टेस्‍ट लेगी. उसने वही डायरी और कलम युवक को थमा दी. अब टेस्‍ट देने की बारी युवक की थी. लड़की ने कहा कि अब मैं जो बोलूं वो आप लिखकर दिखाइए. लड़का एकदम से अचकचा गया. लड़की ने भी उससे नाम, पता लिखने को कहा. उसके बाद कहा कि अब कुछ कठिन शब्‍द लिखिए. लिहाजा 'परिश्रम', 'दृष्टिकोण' और 'सांप्रदायिक' शब्‍द लिखने को दिया गया. लड़का पता भी सही से नहीं लिख सका और इन शब्‍दों को भी लिखने में गड़बड़ कर बैठा. फिर क्‍या था, लड़की ने तत्‍काल वहीं रिजल्‍ट सुनाते हुए कहा कि आप फेल हो गए हैं. मैं आपसे शादी नहीं करुंगी. नतीजतन लड़के पक्ष को बैरंग लौटना पड़ा.