गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में दलील देते हुए सीबीआई के जांच अधिकारियों ने कहा कि अमनमणि त्रिपाठी ने ही अपनी पत्नी की हत्या की थी और उनपर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए. क्यों ना उनके खिलाफ हत्या की धाराओं के अंतर्गत केस चलना चाहिए. इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी.

महराजगंज के नौतनवा से निर्दल विधायक अमन मणि त्रिपाठी को समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए गोरखपुर के महाराजगंज जिले की नौतनवा सीट से मैदान में उतारा था. ऐसे में सारा सिंह की मां की मांग पर समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने टिकट कैंसिल कर दिया था.

गोरखपुर के रहने वाले अमनमणि ने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जुलाई 2013 में लखनऊ की रहने वाली सारा से आर्य समाज मंदिर में शादी की थी. वहीं सारा की मौत सिरसागंज में 9 जुलाई 2015 को अमनमणि के साथ दोपहर में कार से लखनऊ से दिल्ली जाते वक्त हुई थी.

अमनमणि को खरोंच भी नहीं आई

घटना के बाद अमनमणि ने सारा के घरवालों को बताया था कि उसकी मौत सड़क हादसे में हुई है. बाद में जांच में पता चला कि गाड़ी चला रहे अमनमणि को खरोंच भी नहीं आई थी.

मामला संदिग्ध मानकर सारा की मां सीमा सिंह ने हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी. इसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. सीबीआई जांच में अमरमणि त्रिपाठी की भूमिका संदिग्ध पाकर उन्हें  गिरफ्तार किया गया था.

यूपी के कद्दावर नेता है अमरमणि

अमरमणि यूपी की सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके हैं. फिलहाल वो और उनकी पत्नी मधुमिता शुक्ला मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. फिलहाल अमनमणि पिछले महीने ही जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं.