आखिर बाहुबली -2 आ ही गयी, उस रोमांच भरे राज को जानने के लिए 3-3 km लम्बी लाईने लगी है, मानव मन को रहस्य को जान लेने से अद्भुत शांति प्राप्त होती है .. लेकिन तुरंत ही वो शांति, वो खुशी.. पेट में एक अपच गैस में बदल जाती है , और जब तक इस रहस्य को 10-20 लोगों को बता न दें, मन हल्का नही होता.. ये मनुष्य प्रवृति है.. देवमुनि नारद कभी इस गैस को पचा नही सके,.. वरन इसे उर्जा में बदल कर प्रसन्न रहने लगे.. राज को उगल देने के बैक्टेरिया महिलाऔं में सबसे अधिक पाये जाते है . कुछ दिनों पहले जसोदा आंटी रूंआसा मुंह बनाकर तीन किलोमीटर दूर से यह कहने आयी की उसकी ननद अपने बॉयफ्रेन्ड के साथ भाग गयी है.. पर आप किसी को बताना मत ..... रहस्य उगलने से उन्हे थोड़ा आराम मिला.. बाद में पता लगा कि वो अपनी कोचिंग के बाद सहेली के साथ मूवी देखने चली गयी थी ..तब तक भाभीजी ने बॉयफ्रेन्ड से लेकर भगाने तक के इन्तजामात कर लिये थे.. खैर , ये सच है कि बाहुबली को राजामौली की जगह रानीमौली यानी कोई महिला बनाती तो कट्प्पा वाले रहस्य को इतने लम्बे समय नही पचा पाती .. दो महिने में ही बाहुबली 2 आ जाती, ... एकता कपुर अपने सिरियल्स इस अपच गैस का भरपुर उपयोग करती है .. हर एपिसोड के अंत में एक रहस्य छोड़कर साथ दुसरे दिन के बन्दोबस्त कर लिये जाते है.. और इसके इन्तजार में अनेक महिलाएं गोपी बहू या संध्या भाभी की सलामती की दुआ करती करती सो जाती है..
बहरहाल आपसे निवेदन इतना भर है कि बाहुबली जरूर देखिये..पर वो अमर रहस्य अपने भीतर ही रखिये.. पचा लिजिए उसे.. आनन्द लिजिए, क्योंकि हर कोई खुद ये सब देखकर जानना चाहता है कि आखिर कट्प्पा अंकल ने बाहुबली भैया को क्यों मारा था .. फिर भी मन नही माने तो नीचे एक कार्टून बनाया है .. समझ लिजिये...