इस लेख में लड़कियों के शुभ चिन्ह बताए जा रहे हैं। जो लक्ष्मी समान भाग्यशाली होती हैं, जिनके पैदा होते ही पिता का और शादी के बाद पति का घर प्यार और पैसे से भर जाता है। गरुड़ पुराण, समुद्रशास्‍त्र और भव‌िष्य पुराण में महिलाओं और पुरुषों के बहुत सारे शुभ अंगों के बारे में बताया गया है। जिनको देखने से न केवल उनके वर्तमान और भविष्य के बारे में जाना जा सकता है बल्कि उनके आंतरिक रहस्य भी ज्ञात हो जाते हैं। भाग्यशाली महिलाओं के ये शारीरिक हिस्से होते हैं बड़े

 
बाल- भगवती देवी का कोई भी चित्र या प्रतिमा देखें तो पाएंगी की उनके बाल लंबे होते हैं। शास्त्रों में भी वर्णित है की लंबे बालों वाली महिलाएं पदमनी होती हैं अर्थात उच्च कोटी की होती हैं। लंबे और रेशमी बाल शुभता और सौंदर्य का प्रतिक हैं।
 
गर्दन- लंबी गर्दन मंगलसूचक होती है। जिन महिलाओं की गर्दन लंबी होती है वह संपूर्ण वैभव भोगती हैं।
 
वक्ष- प्राचीनकाल से देव‌ी प्रत‌िमा के वक्ष उभरे हुए होते हैं। ये धन-समृद्धि और सौभाग्य के प्रतिक हैं। मान्यता है की छोटे वक्ष दुख और परेशान‌ियों का संकेत होते हैं। 
 
नाभ‌ि- सौभाग्यवान महिलाओं की दाएं ओर मुड़ी बड़ी और गहरी नाभ‌ि होती है। ये शुभ चिन्ह जिन महिलाओं में होता है वह महारानियों जैसा जीवन व्यतित करती हैं। 
 
सिर- भाग्यशाली महिलाओं का स‌िर बड़ा होता है। 
 
हाथ- लंबे हाथ सौभाग्‍य और समृद्ध‌ि का चिन्ह हैं। 
 
पैर- लंबे और च‌िकने पैरों वाली स्त्रियां देवी लक्ष्मी के जैसे शुभ होती हैं। 
 
कान- लंबे कान वाली महिलाएं सुख और ऐश्वर्य से भरी लंबी उम्र बिताती हैं।
  
जंघा- समुद्रशास्‍त्र मानता है की सौभाग्यशाली लड़कियों की मांसल और पुष्ट जंघा होती है।