इलाहाबाद
यूपी बोर्ड की कॉपियों से रुपयों की बारिश होने के साथ ही शिक्षकों में बंटवारे को लेकर तनातनी बढ़ गई है। इससे मूल्यांकन भी प्रभावित हुआ है। राजकीय इंटर कॉलेज में पिछले चार-पांच दिनों के दौरान कॉपियों से 2000, 500 से लेकर 100 और 50 रुपये तक के नोट कॉपियों से निकले हैं। नोट देखकर मूल्यांकन ड्यूटी में लगा हर कर्मचारी अधिक से अधिक पैसे हथियाने की जुगत में है।

सूत्रों के मुताबिक, GIC में क्लास 12 की सामान्य हिन्दी की कॉपियां जांची जा रही हैं। 27 अप्रैल को मूल्यांकन शुरू होने के बाद गोरखपुर और देवरिया मंडल की कॉपियां पहले जांची गईं। चार दिन पहले बस्ती मंडल की कॉपियां शिक्षकों के एक समूह को मिलीं जिनमें 20 हजार रुपये से अधिक के नोट निकले।

एक अन्य बंडल में 10 हजार रुपये तक के नोट निकले। इसकी जानकारी कोठार प्रभारी को मिली तो बस्ती मंडल की कॉपियां आवंटित करनी बंद कर दी गईं। आरोप है कि कोठार प्रभारी बंडल खोलकर पहले खुद रुपये निकाल ले रहे हैं और फिर कॉपियां जांचने को दे रहे हैं। इससे कॉपियां जांच रहे शिक्षकों में नाराजगी भी है। हालांकि कोई शिक्षक खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। कॉलेज के प्रधानाचार्य डी. के. सिंह का कहना है कि कोठार सील कर दिया जाता है इसलिए बंडल से छेड़छाड़ का प्रश्न ही नहीं उठता।

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल को लेकर सख्ती हुई। इस पर नकल माफियाओं ने छात्र-छात्राओं से कॉपियों में 100-50 से लेकर 500 और 2000 रुपये तक के नोट नत्थी करवा दिए। गोंडा के डीएम ने बहुत सख्ती की थी जिसका असर बस्ती में भी था। यह माना जा रहा है कि सख्ती के कारण ही कॉपियों में नोट मिल रहे हैं।