भारत सरकार ने उन अफवाहों का खंडन किया है, जिसमें कहा जा रहा है कि मंदी की मार झेल रहे आईटी सेक्टर की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। सरकार का अंदाजा है कि अगले 2.5 सालों में आईटी सेक्टर में करीब 5 लाख रोजगार के मौके और पैदा होंगे।
 
आईटी सचिव अनुणा सुंदरराजन ने कहा कि जिन कंपनियों में नौकरियों की कटौती की बात की जा रही थी, उन कंपनियों ने ऐसी किसी भी तरह की संभावना से इनकार किया है। हालांकि उन्होंने ये जरूर माना है कि सालाना कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव के चलते आईटी सेक्टर की कुछ नौकरियां इधर-उधर होंगी। उन्होंने कहा कि कुछ नौकरियां जो खासकर क्लॉउड, बिग डाटा और डिजिटल पेयमेंट सिस्टम से जुड़ी हैं, वो इधर-उधर हो सकती हैं। ब्रॉडकास्ट इंडिया फोरम के कार्यक्रम के समय उन्होंने ये दावे किए। 

सुंदरराजन ने कहा कि अप्रैजल के समय कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू न होने के चलते भले ही कुछ नौकरियां जाएं, पर बड़े स्तर पर नौकरियों की छंटनी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि आईटी सेक्टर 8 से 9 प्रतिशत की दर से सालाना ग्रोथ कर रहा है। ऐसे में बड़े स्तर पर गिरावट की बात करना बेमानी है। 

सुंदरराजन ने साफ कहा कि आने वाले 2.5 सालों पर आईटी सेक्टर में करीब 5 लाख नौकरियों के रास्ते खुलेंगे। 

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें फैल रही हैं, जिसमें आईटी सेक्टर में की नौकरियों में भारी कटौती की बात की जा रही है। अफवाहों के मुताबिक, आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे विप्रो, इंफोसिस, कॉग्निजैंट, टेक महिंद्रा में बड़े स्तर पर लोगों को नौकरियों से हटाया गया है। ये सभी नौकरियां खराब परफॉर्मेंस के चलते खत्म की गई हैं।