भोपाल। शुजालपुर में सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में स्पंज छोड़ने के मामले दोषी डॉक्टर आशारानी जैन को गिरफ्तारी के 11 दिन बाद निलंबित कर दिया गया। महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े ने इस मामले में सरकार को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा था।

महिला आयोग अध्यक्ष ने कुछ दिन पहले शुजालपुर में पीड़ित महिला प्रीति नेमा के घर पहुंचकर उससे मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। पेट में स्पंज पड़े रहने से इंफेक्शन से उसकी आंतें काट दी गईं हैं।

इस मामले में डॉ. आशारानी जैन की लापरवाही साबित होने के बाद 6 मई को उन्हें गिरफ्तार किया गया था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अमरकंटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 मई को यात्रा के दौरान वानखेड़े ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भी मामला बताया। डॉ. मिश्रा ने विभाग के वरिष्ठ अफसरों से पूछताछ की। इसके बाद 17 मई की देर शाम डॉ. आशारानी जैन के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।