पेइचिंग
अमेरिका की दिग्गज कार निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स ने भारत में इस साल के अंत से कारों की बिक्री बंद करने का फैसला लिया है। भारत में जनरल मोटर्स बीते करीब दो दशकों से मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है। अब भी भारत के बाजार में उसकी हिस्सेदारी महज 1 पर्सेंट ही है। कंपनी ने अपनी रीस्ट्रक्चरिंग पॉलिसी के तहत यह फैसला लिया है। गुरुवार को कंपनी के इस ऐलान से भारत सरकार की उस नीति को भी झटका लगा है, जिसके तहत वह घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की कोशिश में है।

जनरल मोटर्स ने जारी बयान में कहा कि वह भारत में अपने शेवरोले ब्रैंड की सेल नहीं करेगी। हालांकि कंपनी की पूरी तरह से भारत छोड़ने की कोई योजना नहीं है। कंपनी की योजना बेंगलुरु स्थित अपने टेक सेंटर को चालू रखने और मुंबई के तालेगांव स्थित फैक्टरी में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बनाए रखने की है। इस यूनिट में बनने वाली सभी कारों का अन्य देशों में निर्यात होगा। दूसरी तरफ जनरल मोटर्स ने पश्चिम गुजरात स्थित हलोल प्लांट को चीन के जॉइंट वेंचर SAIC मोटर कॉर्पोरेशन को बेचने का फैसला लिया है।

भारत स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स से जनरल मोटर्स मेक्सिको और लैटिन अमेरिका में निर्यात करती है। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 70,969 गाड़ियों का निर्यात किया। तालेगांव स्थित प्लांट में एक साल में 1,30,000 कारों का उत्पादन हो सकता है।