भोपाल। 2016 में अच्छा मानसून होने के बावजूद प्रदेश के साढ़े छह लाख से ज्यादा किसानों को खरीफ फसलों के लिए 1 हजार 800 करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रधानमंत्री फसल बीमा मिलेगा। राज्य के प्रस्ताव पर केंद्र ने बीमा दावों को अंतिम रूप दे दिया है। बीमा राशि अगले एक माह में किसानों के खातों में पहुंचेगी। इसके लिए कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों को अपना अंशदान देने वित्त विभाग से लगभग छह सौ करोड़ रुपए मांगे हैं।

सूत्रों के मुताबिक फसल बीमा में प्रदेश की 1 लाख 29 हजार हेक्टेयर जमीन कवर है। ये देश का बीमा कवरेज का 22 प्रतिशत है। लगभग 52 प्रतिशत बोवनी क्षेत्र प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में है। अच्छा मानसून होने के बावजूद साढ़े छह लाख से ज्यादा किसानों की फसलें प्रभावित हुई थीं।

इसमें ज्यादा पानी गिरने की वजह से बोवनी खराब होने, बोवनी न कर पाने और फसल के खराब होने के कारण किसानों का बीमा बना है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अच्छे मौसम में जब किसानों को इतना फसल बीमा मिल रहा है तो फिर मौसम खराब होने की सूरत में कितना जोखिम कवर होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

फसल बीमा देने के लिए राज्यांश जमा कराने वित्त विभाग से राशि मांगी गई है। राज्य को लगभग एक हजार करोड़ रुपए अंशदान के तौर पर देने होंगे। जबकि, इतनी ही राशि केंद्र मिलाएगी।

एक माह में बंटेगी बीमा रकम : डॉ.राजौरा

प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि बीमा के दावों को अंतिम रूप मिलने के बाद अब एक माह के भीतर राशि किसानों के खातों में जमा हो जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। खरीफ 2016 के लिए साढ़े छह लाख से ज्यादा किसानों को बीमा का फायदा मिलेगा।