नई दिल्ली
लंबे इंतजार के बाद अब इंडियन रेलवे की नई ट्रेन तेजस पटरी पर आने के लिए तैयार है। इस ट्रेन का सफर 22 मई से शुरू होगा। पहली ट्रेन मुंबई और उत्तरी गोवा के करमाली स्टेशन के बीच चलाई जाएगी। कई नए फीचर से लैस इस ट्रेन का किराया भी राजधानी, शताब्दी के मुकाबले कुछ ज्यादा होगा। उम्मीद की जा रही है कि जब अगली तेजस ट्रेन के कोच तैयार होंगे तो उसे दिल्ली-चंडीगढ़ या फिर आनंद विहार-लखनऊ के रूट पर चलाया जाएगा।

अपनी तरह की अलग फीचर वाली तेजस ट्रेन का शुक्रवार को खुद रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने जायजा लिया। उन्होंने बताया कि चूंकि इस ट्रेन में कई और सुविधाएं जोड़ी गई हैं, इसलिए इसका किराया, अन्य ट्रेनों से कुछ अधिक होगा। हालांकि उन्होंने किराए के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी। इस बीच रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभी इस ट्रेन के किराए को लेकर कैलकुलेशन की जा रही हैं और जल्द ही इस ट्रेन के किराए का भी ऐलान किया जाएगा।

200 किमी की स्पीड पर चल सकती है तेजस
अपने नाम के अनुकूल इस ट्रेन की खासियत यह है कि यह 200 किमी की स्पीड से चल सकती है। लेकिन चूंकि अभी भारत में पटरियां इस लायक नहीं हैं कि ट्रेन को 200 किमी की रफ्तार पर चलाया जा सके, इसलिए फिलहाल यह अधिकतम 130 किमी की रफ्तार से ही चलेगी, लेकिन अगर किसी रूट पर पटरियों में बदलाव करके उन्हें 200 किमी की स्पीड लायक बनाया जाता है तो इस ट्रेन को उस वक्त 200 किमी की रफ्तार से चलाया जा सकेगा।

मेट्रो की तरह डोर

इंडियन रेलवे की यह पहली ऐसी ट्रेन होगी, जिसके दरवाजे मेट्रो की तरह स्लाइडिंग होंगे और उसका कंट्रोल गार्ड के हाथ में होगा। इस मायने में यह यात्रियों के लिए बेहद सेफ ट्रेन होगी। न तो ट्रेन चलने के बाद इसमें कोई पैसेंजर चढ़ पाएगा और न ही रुकने से पहले कोई पैसेंजर इससे उतर पाएगा। अभी ट्रेनों में बेहद सामान्य दरवाजे होते हैं, जिन्हें कोई भी खोलकर ट्रेन से उतर या चढ़ सकता है। रेलवे का मानना है कि इस तरह की ट्रेन से चढ़ने और उतरते वक्त पैसेंजरों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।